लखनऊ। हुसैनगंज के छितवापुर इलाके में गत 24 अप्रैल रविवार को संदिग्ध हालात में जले युवक की सिविल अस्पताल में शनिवार को मौत हो गई। परिवारीजनों ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर इलाके में शव रखकर प्रर्दशन किया। पुलिस के आश्वासन के बाद परिवारीजन अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए।
सुदामापुरी में रहने वाले शनि पहाड़ी को रविवार रात गंभीर रूप से झुलसी हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनि और उसकी मां ने आरोप लगाया था कि मोहल्ले के अरविंद सोनकर, शिव, टार्जन और शिवम दुबे व कुछ महिलाओं ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगाई है। ये लोग सट्टा खेलने और पटरी दुकानदारों से वसूली करते हैं। शनि ने यह भी आरोप लगाया था कि वसूली न देने पर ही इन लोगों ने ऐसा किया था। दो घंटे की पड़ताल के बाद पुलिस ने दावा किया था कि शनि नशे का आदी है। उसने खुद ही आग लगा ली थी। इंस्पेक्टर देवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि सोमवार को कई फुटेज देखे गए। इसमें दो पेट्रोल पंप पर शनि बोतल में पेट्रोल लेने का प्रयास करते दिखा। इन पंप के कर्मचारियों ने कहा कि शनि रविवार को आया था और उसने गाड़ी में पेट्रोल खत्म हो जाने की बात कहकर पेट्रोल देने को कहा था। लेकिन दोनों ही पंप पर कर्मचारियों ने बोतल में तेल देने से मना कर दिया था।
परिवारीजनों ने उसे गंभीर हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया था जहां डॉक्टरों ने 70 प्रतिशत जलने की बात कही थी। शनिवार सुबह इलाज के दौरान शनि की मौत हो गई। शनि की मौत के बाद परिवारीजनों ने कार्रवाई की मांग करते हुए शव को इलाके में रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया जिसके बाद परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।