लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में खुद को सिविल इंजीनियर बताने वाले रईसजादे ने पड़ोस की युवती को प्रेमजाल में फंसाया। शादी का वादा करके उसे भगा ले गया। घरवालों के विरोध पर मजहब बदलकर शादी की।
वक्त गुजरने के साथ तेवर बदलने लगे। दो बच्चों की मां बन चुकी पत्नी से दहेज की मांग की। तंगहाली का हवाला देने पर उसे जिंदा जलाने की कोशिश की।
मायके के दरवाजे हमेशा के लिए बंद होने पर महिला ने दोनों बच्चों समेत बहन के घर शरण ली। पति को दूसरी शादी की तैयारी करते देख मुख्यमंत्री व पुलिस अफसरों से शिकायत की। इस पर केस दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मोहल्ला आजादनगर की नाज बानो ने अपने पति अब्दुल रहमान उर्फ दिवाकर श्रीवास्तव पर मजहब बदलकर शादी और दहेज की खातिर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है। नाज का कहना है कि खुद को सिविल इंजीनियर बताने वाले दिवाकर ने नौ साल पहले उसे प्रेमजाल में फंसाया था।
घरवालों के विरोध पर वर्ष 2009 में उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया। उसने मजहब बदल कर अपना नाम अब्दुल रहमान रखा और मदरसे में नाज से निकाह करके लौटा। नाराज मायके वालों ने नाज से हमेशा के लिए नाता तोड़ लिया।