लखनऊ। बंथरा इलाके में बृहस्पतिवार रात सात वर्षीय मासूम बच्च्ी को अगवा करने के बाद बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के आरोपी को शनिवार भोर पुलिस ने क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद हो गया है। वहीं, पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पास्को एक्ट की धारा बढ़ाते हुए जेल भेज दिया है।
बंथरा की रहने वाली सात साल की मासूम परिवार के साथ बृहस्पतिवार रात शादी में गई थी। बरात में पड़ोस के गांव वादेखेड़ा का निवासी शिवम सिंह (22) आया था। देर रात शादी में खाना और डांस चल रहा था। इसी बीच शिवम, बच्ची को बहलाकर वहां से डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल में ले गया जहां चाकू दिखाकर बंधक बनाया और उसके मुंह पर टेप चिपकाने के बाद दुष्कर्म किया। विरोध पर उसने मासूम के चेहरे और शरीर पर कई जगह पिन चुभोकर जख्मी कर दिया था। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने कुछ दूर पर स्थित ट्यूबवेल के गड्ढे में भरे पानी में उसे नहलाया भी था। फिर अपनी एक बनियान पहनाकर उसे जंगल में छोड़कर भाग गया था। म
ासूम के घरवाले पूरी रात उसे तलाशते रहे। शुक्रवार सुबह वह ग्रामीणों को जंगल में बदहवास हालत में मिली थी। बंथरा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा। छानबीन के दौरान सीसीटीवी फुटेज से आरोपी शिवम सिंह की पहचान होने पर पुलिस ने एफआईआर में उसकी नामजदगी दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। बंथरा इंस्पेक्टर ने बताया कि शनिवार भोर आरोपी शिवम सिंह को लतीफनगर से रहीमनगर पड़ियाना जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने वारदात करना स्वीकार कर लिया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद हुआ है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद शिवम के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में दुष्कर्म और पास्को एक्ट की धारा बढ़ाते हुए उसे जेल भेजा गया है।
बुरी तरह से सहमी है मासूम
लखनऊ। शिवम ने मासूम से दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। न सिर्फ दुष्कर्म किया बल्कि उसका मुंह भी बुरी तरह से जख्मी कर दिया। इससे वह बोल भी नहीं पा रही है। शरीर में जगह-जगह पिन चुभाने से भी तमाम घाव हो गए हैं। वह बुरी तरह से सहम गई है। मेडिकल रिपोर्ट में इन सभी वहशियाना हरकतों की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, मासूम को इलाज की जरूरत है मगर परिवारीजन उसे लेकर घर चले गए। पीड़िता की मां ने बताया कि उसके पास इलाज कराने के लिए पैसे ही नहीं हैं। उसने इलाज के लिए आर्थिक मदद की मांग प्रशासन से की है।