मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना मास्क के बाहर निकलने पर जुर्माना बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि गैर जरूरी आवागमन को रोकने और मास्क का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए ऐसा किया जाना जरूरी है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को लोक भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता को ‘दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी’ को अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में अब तक 33000 से अधिक कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना पर संतोष जताया।
कोविड हेल्प डेस्क के सुचारू रूप से संचालन पर जोर दिया। उन्होंने बाल संरक्षण गृह, महिला संरक्षण गृह और वृद्धाश्रम में रहने वालों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि जिलास्तर पर एम्बुलेंस की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। निजी अस्पतालों में ट्रूनेट मशीन की स्थापना और इनके उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। रैपिड एंटीजन टेस्ट के अतिरिक्त आरटीपीसीआर से 30,000 टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं।
मास्क न पहनने वालों से वसूले गए 6.52 करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण को रोकने के लिए स्वच्छता व सैनिटाइजेशन को दिनचर्या में शामिल करना होगा। व्यवस्था का अंग बनाना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिड्डी दल के प्रकोप को रोकने के लिए गन्ना और उद्यान विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए। आकाशीय बिजली से होने वाली जनहानि को कम करने के लिए उन्हाेंने समय से अलर्ट जारी करने के लिए कहा।
अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा कि धारा 188 के तहत 85,696 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 2,19,935 लोगों को नामजद किया गया है। इस सप्ताह 105 शस्त्रों का लाइसेंस निरस्त किया गया है। जनवरी से अब तक कुल 1271 शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के वाद दर्ज किए गए हैं। महामारी अधिनियम के अंतर्गत धारा 15 (3) के तहत मास्क न पहनने पर 14 जून से 4 जुलाई तक 117838 मामले दर्ज किए गए। कुल 6,52,43,562 रुपये का जुर्माना वसूला गया।