मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के साथ पूर्वंाचल का सियासी समीकरण बदल सकता है। जनता दल यूनाइटेड के प्रमुख महासचिव केसी त्यागी और महासचिव पूर्व सांसद धनंजय सिंह मैनपुरी में डिंपल यादव का चुनाव प्रचार करेंगे। जद यू के इस फैसले के बाद आगामी लोकसभा चुनाव में कई तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खासतौर से पूर्वांचल में इसका असर दिखना तय है।
जद यू की ओर से जारी पत्र में पहले दोनों पूर्व संासदों के मंगलवार को ही मैनपुरी जाने का कार्यक्रम था, लेकिन इसे स्थगित कर दिया गया है। अब बुधवार एवं वृहस्पतिवार को जद यू नेता मैनपुरी में रहेंगे। वे विभिन्न इलाके में जनसभा को संबोधित करेंगे। इसे भविष्य की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। क्योंकि जनता दल यूनाइटेड ने भाजपा से नाता तोड़ने के बाद बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के साथ मिलकर सरकार बनाई है।
मुलायम और लालू प्रसाद परिवार के बीच रिश्तेदारी भी है। जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल संगठनात्मक रूप से रायबरेली एवं पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय भूमिका में है। ऐसे में जद यू केइस कदम को भविष्य में नए गठबंधन के तौर पर भी देखा जा रहा है। मालूम हो कि धनंजय सिंह पर लखनऊ पुलिस ने जनवरी 2021 में आजमगढ़ के ठेकेदार अजीत सिंह की हत्या की साजिश करने पर 25 हजार का ईनाम भी घोषित किया है।
बसपा से सांसद रहे हैं धनंजय सिंह
जौनपुर में मिनी मुलायम के नाम से पहचाने जाने वाले पारस नाथ यादव को हराकर 2009 में बसपा के टिकट पर धनंजय सिंह सांसद बने। यहां से 2014 में भाजपा केकृष्प प्रताप सिंह और 2019 में बसपा के श्याम सिंह यादव सांसद चुने गए। विधानसभा चुनाव में मल्हनी से धनंजय मैदान में उतरे और सपा केलकी यादव से पराजित हुए। हालांकि यह भी कहा जाता है कि सपा केएक नेता से पूर्व सांसद के गहरे संबंध हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में संख्याबल अधिक होने के बाद भी सपा उम्मीदवार को मात मिली और धनंजय सिंह अपनी पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में सफल रहे।