एसजीपीजीआई में महंत परमहंस से नहीं मिल पाने पर विहिप नेता डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने सरकार पर निशाना साधा। कहा कि कैंसर सर्जन को महंत से मिलने से रोकने के पीछे सियासी चाल है। 32 साल से संसद में राम मंदिर कानून की बात करके सत्ता में आने वाले लोग अब राम मंदिर की बात करने वाले महंत को घसीट कर एसजीपीजीआई पहुंचा दिए हैं।
यह रामभक्तों की सरकार है। रामभक्तों के खून पसीने से सरकार बनी है और यह सरकार एक महंत से मिलने से रोक रही है। डॉ. तोगड़िया ने कि यदि वह महंत से मिलते तो चिकित्सकों को कुछ बेहतर सलाह देते। महंत की ‘पोलिटिकल क्रिटिकल’ स्थिति से भी वाकिफ होते। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को डर था कि हकीकत बाहर आ जाएगी, इस वजह से उन्हें मिलने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की आवाज दबाई गई तो सौ करोड़ हिंदुओं की आवाज उठेगी।