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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए अनशन पर बैठे महंत परमहंस ने तोड़ा अनशन, पिया जूस

Tue, 09 Oct 2018 08:28 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अनशन पर बैठे महंत राम परमहंस दास। (फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
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एसजीपीजीआई में भर्ती अयोध्या के महंत परमहंस ने मंगलवार दोपहर अनशन तोड़ दिया। एसजीपीजीआई के निदेशक ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन खत्म कराया। अब उनकी हालत में सुधार है।

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ब्लड सूगर बढ़ा हुआ है। अभी उन्हें आईसीयू में ही रखा गया है। निदेशक राकेश कपूर ने बताया कि रिकवर होने पर दो से तीन दिन लगेंगे। बुधवार सुबह स्थिति देखने के बाद उन्हें आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट करने का फैसला लिया जाएगा।

महंत परमहंस दास अयोध्या में राममंदिर के लिए अनशन पर बैठे थे। हालत बिगड़ने पर रविवार रात करीब दो बजे एसजीपीजीआई के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। यहां सोमवार शाम उन्हें ड्रिप लगाई गई थी।
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अस्पताल प्रशासन ने मंगलवार सुबह नाश्ते के लिए अपील की, लेकिन महंत ने मना कर दिया। दोपहर बाद निदेशक राकेश कपूत, सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल, सीसीयू के प्रभारी प्रोफेसर एसपी अबेश आदि ने उनसे अनशन तोड़ने की अपील की।

बताया कि शारीरिक स्थिति को देखते हुए खुद खाना जरूरी है। पहले तो महंत ने इंकार कर दिया, लेकिन निदेशक ने दोबारा अपील की तो वह मान गए। इसके बाद उन्हें जूस पिलाया गया। सीएमएस ने बताया कि रात में हल्की खिचड़ी दी जाएगी। हालत में लगातार सुधार हो रहा है।

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महंत से नहीं मिल पाने पर डा. तोगड़िया ने सरकार पर साधा निशाना

एसजीपीजीआई में महंत परमहंस से नहीं मिल पाने पर विहिप नेता डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने सरकार पर निशाना साधा। कहा कि कैंसर सर्जन को महंत से मिलने से रोकने के पीछे सियासी चाल है। 32 साल से संसद में राम मंदिर कानून की बात करके सत्ता में आने वाले लोग अब राम मंदिर की बात करने वाले महंत को घसीट कर एसजीपीजीआई पहुंचा दिए हैं। 

यह रामभक्तों की सरकार है। रामभक्तों के खून पसीने से सरकार बनी है और यह सरकार एक महंत से मिलने से रोक रही है। डॉ. तोगड़िया ने कि यदि वह महंत से मिलते तो चिकित्सकों को कुछ बेहतर सलाह देते। महंत की ‘पोलिटिकल क्रिटिकल’ स्थिति से भी वाकिफ होते। लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को डर था कि हकीकत बाहर आ जाएगी, इस वजह से उन्हें मिलने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की आवाज दबाई गई तो सौ करोड़ हिंदुओं की आवाज उठेगी।
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