फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाना ने सपा अध्यक्ष पर साधा निशाना : बोले- अखिलेश को नहीं दिखता यूपी में तेजी से बढ़ रहा निवेश

Tue, 09 Nov 2021 09:14 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

महाना ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कोरोना संकट के कारण सैमसंग इंडिया ने अपनी सबसे बड़ी डिस्प्ले यूनिट चीन से हटाकर नोएडा में लगाई।
विज्ञापन
औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को यूपी में तेजी से बढ़ रहा निवेश दिखाई नहीं दे रहा है। वह अपने कार्यकाल में अधूरे कामों का लोकार्पण करके गए थे। इतना ही नहीं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की परियोजना भी अखिलेश सिर्फ टेंडर करने के लिए लाए थे। उनके कार्यकाल में इस परियोजना के लिए मात्र 25 प्रतिशत जमीन ही अधिग्रहीत की गई थी। इसलिए उस समय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए टेंडर किए गए थे।
विज्ञापन


महाना ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कोरोना संकट के कारण सैमसंग इंडिया ने अपनी सबसे बड़ी डिस्प्ले यूनिट चीन से हटाकर नोएडा में लगाई। 5 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया। अब अखिलेश यह कह सकते हैं कि डिस्प्ले यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव उन्हीं के समय आया। इसका मतलब तो यह हुआ कि उन्हें तब यह भी पता था कि दुनिया में कोविड महामारी आने वाली है।

महाना ने कहा कि अखिलेश आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का अधूरा लोकार्पण करके गए थे। वर्ष 2017 में हमारी सरकार बनने पर इस परियोजना की भौतिक प्रगति 82 फीसदी और वित्तीय प्रगति 72 फीसदी थी। सर्विस रोड, पब्लिक सुविधाएं, सुरक्षा के लिए फेंसिंग जैसे जरूरी काम हमारी सरकार ने ही किए। राजनीतिक द्वेष या विरोध की भावना के कारण कोई परियोजना या उस पर खर्च की गई राशि बर्बाद होने देना हमारी नीति कभी नहीं रही। इसलिए नियमों को पूरा करते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए नए सिरे से टेंडर किए और इस प्रक्रिया में जनता के 1300-1400 करोड़ रुपये बचाए।
विज्ञापन


उन्होंने सवाल दागा कि क्या अखिलेश पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लिए पूरे 23 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान करके गए थे? क्या किसी भी सरकार के लिए ऐसा कर पाना मुमकिन है। हम सभी जानते हैं कि बजट प्रावधान सिर्फ एक साल के लिए जरूरी आवश्यक राशि के लिए होता है। महाना ने कहा कि पेप्सिको को खाद्य प्रसंस्करण इकाई लगाने के लिए हमने कन्नौज में भी जमीन दिखाई थी, लेकिन उसके लोगों ने साफ कह दिया कि इस परिवार का प्रभाव क्षेत्र होने के कारण वे वहां निवेश नहीं करना चाहते। हालांकि, इन साढ़े चार वर्षों में कन्नौज की स्थिति में भी आमूल-चूल बदलाव आ चुका है।

महाना ने कहा कि योगी सरकार की डाटा सेंटर नीति आने के बाद बड़े पैमाने पर निवेश आया है। हीराचंदानी ग्रुप ने 6000 करोड़ और अडाणी ग्रुप ने 4900 करोड़ रुपये के निवेश के लिए यहां जमीन ली है और नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट को 1800 करोड़ रुपये के निवेश के लिए भी जमीन आवंटित कर दी गई है, जो अखिलेश यादव को नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें