सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली बार भी कहा था कि इस बार मेला का क्षेत्रफल हम लोगों ने 2019 की तुलना में 800 हेक्टेयर अतिरिक्त बढ़ाया है। पिछली बार हम लोगों ने कुम्भ के दायरे को काफी बढ़ाया था और उसका काफी अच्छा सार्थक परिणाम देखने को मिला था। गत कुम्भ में लगभग 80,000 के आसपास टेंटेज और 60,000 के आसपास संस्थाओं को हमने भूमि प्रदान की थी। इस बार हम टेंटेज की संख्या दोगुना 1 लाख 80 हजार करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म से जुड़े हुए और भारत के अंदर भारतीयता की परंपरा से जुड़े हुए हर उस व्यक्ति को जो गंगा मइया पर, भगवान प्रयागराज पर आस्था और श्रद्धा का भाव रखा है, उन्हें यहां पर प्रयागराज महाकुम्भ में आकर इस पूरी व्यवस्था के साथ जुड़ने का एक अवसर प्राप्त होगा।
पूरे देश से आने वाले पूज्य संतों को, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों को यह अवसर मिलेगा। इसके लिए कुम्भ क्षेत्र में भी और सिटी के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े-बड़े कार्य हो रहे हैं। यह सभी कार्य समयबद्ध तरीके से चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ कार्य 30 नवंबर तक, कुछ कार्य 10 दिसंबर तक पूर्ण हो चुके होंगे। उसके उपरांत प्रधानमंत्री जी का यहां पर 13 दिसंबर को आगमन होगा। वह यहां मां गंगा की पूजा और आरती भी करेंगे। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री जी के द्वारा डिजिटल कुम्भ की जो अपेक्षा की गई है, उसके डिस्प्ले के कार्यक्रम का अवलोकन भी करेंगे तथा प्रयागराज के भव्य और दिव्य कुम्भ की दृष्टि से यहां पर विकास के जो कार्य हुए हैं, उन सबके लोकार्पण का भी कार्यक्रम प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से होगा।