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ZOO में हड़कंप, 'बैक्टीरिया' से 9 हिरनों की मौत

Tue, 10 Sep 2013 05:40 PM IST
आशुतोष मिश्र/लखनऊ
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लखनऊ जू में अनजान संक्रमण के चलते दुर्लभ प्रजाति के 9 काले हिरण मारे जा चुके हैं।
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शनिवार की देर रात से हिरणों के रहस्यमय तरीके से मरने का सिलसिला मंगलवार तड़के भी जारी रहा।

मंगलवार को भी सुबह तक यहां संक्रमण केचलते तीन हिरणों ने दम तोड़ा।

अचानक ही हिरणों की मौत पर सुबह जब वन विभाग के आला अधिकारियों ने यहां दौरा किया तो घटना को छिपा रहा जू प्रशासन हरकत में आया और एक दिन पहले महज एक ही काले हिरण की मौत बता रही निदेशक अचानक ही 9 मृत काले हिरणों की संख्या गिनाने लगी।

हालांकि मामले में काले हिरणों की मौत की संख्या इससे भी अधिक जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की जा सकी है। साल की शुरुआत में कानुपर जू में 31 हिरणों की मौत के बाद लखनऊ जू में इस घटना से हड़कंप मचा हुआ है।
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सीएम आवास से चंद कदमों की दूरी पर स्थित लखनऊ प्राणि उद्यान में पिछले चार दिनों में मर रहे हिरणों को लेकर बरेली से आए विशेषज्ञ भी हैरान है और 36 घंटों की जांच के बावजूद सही कारण नहीं खोज पाए।

प्रथम दृष्टया रिपोर्ट में काले हिरणों में ‘बैक्टीरियल इंफेक्शन’ बता रहे विशेषज्ञों ने सभी केसैंपल कलेक्ट कर अगले एक हफ्ते में रिपोर्ट देने की बात कही है। मरने वाले सभी हिरण 6 माह से लेकर दो साल तक की अवधि के हैं। सभी मृत हिरणों को पोस्टमार्टम के बाद जू परिसर में ही शवदाह कर दिया गया।

मंगलवार को जंतु उद्यान राज्यमंत्री डा. शिवप्रताप यादव, पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ डा. रूपक डे के दौरे के बाद हुये मामले केखुलासे के बाद से जू में खलबली मची हुई है।
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दिन भर यहां के कर्मचारी और स्टाफ मीडिया से लुकता छिपता रहा। लखनऊ चिड़ियाघर में दुर्लभ प्रजाति श्रेणी-वन के अब सिर्फ 35 काले हिरण ही बचे हैं।

मालूम रहे कि सोमवार को ही अमर उजाला ने प्रमुखता से घटना का खुलासा किया था। दौरे के बाद अधिकारियों ने लापरवाही और कर्मचारियों की लीपापोती पर कार्रवाई की बात कही है।
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