एलयू से सहयुक्त कॉलेजों ने विद्यार्थियों को समाज कल्याण विभाग से मिलने वाली स्कॉलरशिप के लिए उपस्थिति सत्यापित नहीं की है। छात्रवृत्ति में होने वाले फर्जीवाड़े को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने 75 फीसदी उपस्थिति की अनिवार्यता लगाई है।
विभाग ने इसके लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश दिया था। ऐसा न हो पाने की सूरत में प्राचार्य और विभागाध्यक्षों को उपस्थिति सत्यापित करनी थी, लेकिन ऐसा भी नहीं किया गया।
लविवि कुलसचिव प्रो. राजकुमार सिंह ने बताया कि समाज कल्याण विभाग ने 75 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है। अगर उपस्थिति सत्यापित करने को कहा जाएगा तो फिर प्राचार्य और विभागाध्यक्षों से लेकर सत्यापन रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर राजकुमार सिंह का कहना है कि इसमें विद्यार्थियों की कोई गलती नहीं है, इसलिए विवि संबंधित विभाग को इस संबंध में पत्र लिख रहा है। जिन कर्मचारियों की वजह से ऐसा हुआ है उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। उम्मीद है कि डाटा दुरुस्त करने का मौका मिलेगा और विद्यार्थियों को नुकसान नहीं होगा।