26 मार्च को परीक्षा के बाद तनाव काफी कम था। दोबारा परीक्षा की बात से फिर तनाव हावी हो गया है। एक अन्य छात्र अन्मय ने कहा कि जिन्होंने पेपर लीक किया, उन्हें सख्त सजा दी जानी चाहिए।
एक अभिभावक ने कहा कि सीबीएसई की गलती बच्चों पर थोपी जा रही है। जिन बच्चों ने ईमानदारी से पेपर किया, उनकी क्या गलती है। एक अन्य अभिभावक ने कहा कि जिनके सौ फीसदी अंक आएंगे, उनकी उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच करा लेनी चाहिए थी।
इकॉनामिक्स की एक शिक्षिका ने कहा कि पेपर के पहले दिन बच्चों ने तीन न्यूमेरिकल हल करने के बारे में जानकारी ली। अगले दिन पेपर में पता चला कि वही पेपर में पूछे गए हैं। इससे बच्चे व शिक्षक दोनों हैरान थे। शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा के बाद उन्होंने बाहर जाने की योजना बनाई थी, लेकिन अब सारा कार्यक्रम रद्द करना पड़ेगा।