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लखनऊ: विवादित टिप्पणी करने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर पर एफआईआर पर छात्रों ने किया विरोध, प्रशासनिक भवन का घेराव

Tue, 29 Apr 2025 08:58 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पर एफआईआर दर्ज करने पर संयुक्त छात्र मोर्चा ने मामले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई राजनैतिक द्वैषवश की गई है।
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पोस्ट के बाद विवादों में आईं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मादी काकोटी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 विवादित टिप्पणी कर चर्चा में आईं लखनऊ विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मादी काकोटी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर सहमंत्री जतिन शुक्ला की तहरीर पर हसनगंज थाने में यह रिपोर्ट हुई है। इंस्पेक्टर अमर सिंह के मुताबिक साक्ष्य संकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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आरोप है कि पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तान समर्थक आतंकी समूह ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इससे पहले उनका धर्म पूछा गया। ये घटना भारत की संप्रभुता पर हमला था, लेकिन भारत के अंदर कुछ राष्ट्र विरोधी मानसिकता के लोग इस घटना का मौन समर्थन और बचाव कर रहे हैं। आरोप है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में भाषा विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मादी काकोटी भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता पर लगातार हमले कर रही हैं।

उन्होंने अपने एक्स हैंडल (@ms_medusssa) पर पोस्ट किया। डॉ. काकोटी के पोस्ट भारत की शांति व्यवस्था के लिए खतरा हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी मंशा देश में दंगे करवाने की है। उनकी पोस्ट पाकिस्तानी मीडिया चैनल (@PTI_Promotion) पर भी शेयर की जा रही है। डाॅ. काकोटी अपने सोशल मीडिया पर भगवा-आतकंवादी जैसे द्वेषपूर्ण और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करती रहती हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आरोपी से पूछताछ की जाएगी।
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 लविवि: प्रोफेसर पर एफआईआर का संयुक्त छात्र मोर्चा ने किया विरोध
 लखनऊ विवि में भाषा विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर माद्री ककोटी पर एफआईआर दर्ज करने के विरोध में संयुक्त छात्र मोर्चा ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव कर एफआईआर रद्द करने की मांग की। छात्रों ने कहा, लोगों की आवाज दबाना अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।

प्रोफेसर की ओर से की गई टिप्पणी को पाकिस्तान के सोशल मीडिया अकाउंट से प्रसारित भी गया था। इस पर एबीवीपी ने आपत्ति जता विवि प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी। कुलसचिव ने प्रोफेसर को नोटिस जारी कर पांच दिन के अंदर लिखित स्पष्टीकरण मांगा। एबीवीपी की ओर से दी गई तहरीर पर सोमवार को प्रोफेसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।

कुलपति को सौंपा ज्ञापन
छात्रों ने कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय को ज्ञापन सौंपकर प्रोफेसर के खिलाफ जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर छात्रों ने बड़े स्तर पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। वहीं, एबीवीपी ने शिक्षिका की ओर से की गई टिप्पणी पर उनका पोस्टर विवि में चस्पाकर कर देश भर के लोगों से माफी मांगने के लिए कहा है। उधर, प्रोफेसर ने विवादित टिप्पणी और वीडियो के संदर्भ में सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर स्पष्टीकरण दिया। इसमें उन्होंने लिखा कि उनके की ओर से लिखा गया एक-एक शब्द देशहित में है।
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