मरम्मत न होने से छात्रावास में मेस बुरी स्थिति में है। वहीं, गंदगी फैली हुई है।
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लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रावास इन दिनों धूल फांक रहे हैं। हर वर्ष ग्रीष्मकालीन अवकाश में छात्र-छात्राएं छात्रावास खाली कर देते हैं। फिर इनके रंग-रोगन और मरम्मत का काम शुरू होता है। हालांकि, इस बार अभी तक ऐसा नहीं हो सका है।
लविवि में कुल 18 छात्रावास हैं। इनमें से नौ छात्रों व नौ छात्राओं के लिए हैं। इन छात्रावासों में करीब तीन हजार छात्र-छात्राओं के आवास की सुविधा है। गर्मी की छुट्टियों में सभी विद्यार्थी घर जा चुके हैं, जिससे छात्रावास बंद पड़े हैं। हर बार गर्मियों की छुट्टी के बाद छात्रावास रंगे पुते और संवरे हुए मिलते हैं। हालांकि, इस बार कला एवं शिल्प महाविद्यालय का रणबीर सिंह छात्रावास अब भी बदहाल पड़ा हुआ है।
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यहां गंदगी का अंबार है। मेस में लगा वॉश बेसिन और मेजें टूटी पड़ी हैं। लंबे अवकाश के बाद भी मरम्मत का काम शुरू नहीं कराया जा सका है। ऐसे में विद्यार्थियों का स्वागत अब गंदे छात्रावास ही करेंगे। इस संबंध में चीफ प्रोवोस्ट प्रो. अनूप कुमार सिंह ने बताया कि महाविद्यालय की ओर से अभी मरम्मत आदि के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। अगर वहां सुधार की जरूरत है तो इसे दिखवाया जाएगा। विवि छात्रों को बेहतर आवास की सुविधा देने के लिए प्रतिवद्ध है।