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लविवि : शोधार्थियों के लिए पहला मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स लॉन्च

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लविवि
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने प्री-पीएचडी कोर्स वर्क कर रहे शोधार्थियों के लिए अपना पहला मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (एमओओसी) तैयार किया है। यह पाठ्यक्रम शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के जिम्मेदार इस्तेमाल, शोध नैतिकता और साहित्यिक चोरी से बचाव पर केंद्रित है। इसका नाम ‘एथिक्स फर्स्ट : एक्सीलेंस इन रिसर्च एंड रिस्पॉन्सिबल पब्लिशिंग’ रखा गया है। यह आठ सप्ताह का पाठ्यक्रम है। इसे पूरा करने पर शोधार्थियों को दो क्रेडिट दिए जाएंगे।
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लविवि की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस पाठ्यक्रम में कुल 16 मॉड्यूल शामिल हैं। इसका मुख्य उद्देश्य शोधार्थियों को अकादमिक ईमानदारी और शोध सत्यनिष्ठा के मानकों से परिचित कराना है। इसमें डाटा संग्रह, विश्लेषण और रिपोर्टिंग में नैतिक मानकों का पालन सिखाया जाएगा। शोध पत्र और थीसिस लिखते समय अनजाने में होने वाली साहित्यिक चोरी से बचने के तकनीकी उपाय भी बताए जाएंगे। एमओओसी में उत्तरदायी प्रकाशन पर विशेष जोर दिया गया है। शोधार्थियों को यूजीसी-केयर, स्कोपस और वेब ऑफ साइंस जैसे शोध प्रकाशन मंचों के मानकों की जानकारी मिलेगी। स्कोपस शोध पत्रिकाओं व शोध लेखों का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय डाटाबेस और इंडेक्सिंग प्लेटफॉर्म है।

पाठ्यक्रम की विशेषताएं और भविष्य की योजनाएं

यह पाठ्यक्रम हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में तैयार किया गया है। वीडियो व्याख्यान, अध्ययन सामग्री और प्रश्नोत्तरी भी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होंगे। इससे शोधार्थी अपनी सुविधा के अनुसार पाठ्यक्रम का अध्ययन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक अपने-अपने विषयों पर भी एमओओसी विकसित कर रहे हैं। इन्हें आने वाले चरणों में लॉन्च किया जाएगा, जिससे डिजिटल शिक्षा का विस्तार होगा।
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