लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार रात प्रदर्शन करने और कुलपति को बंधक बनाने के आरोपी 11 छात्रों को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन के दौरान इनका परिसर तथा छात्रावासों में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
इन छात्रों को तीन दिन में जवाब देना है। ऐसा न करने पर इन्हें निष्कासित कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल देवरिया के प्रभात सिंह सिंह का निलंबन पहले से चल रहा है। लविवि में हॉस्टल आवंटन संबंधी सूचना समय से न देने से बदइंतजामी हो गई है।
विवि ने बिना बताए आवंटन के नियमों में बदलाव कर दिया है। इससे 50 फीसदी से कम नंबर वाले छात्रों को हॉस्टल आवंटित नहीं किया जा रहा। विवि ने मरम्मत की बात कहते हुए आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास आवंटित करने से मना कर दिया है।
छात्रावास की सीटों की संख्या भी घोषित नहीं की है। इसी मुद्दे पर मंगलवार को छात्रों ने उपद्रव किया था। प्रदर्शन शाम छह बजे से देर रात साढ़े 12 बजे तक चला था। पुलिस के लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था।
देखें, इनका हुआ निलंबन
डेमो
- फोटो : demo pic
इनका हुआ निलंबन
-विनय सिंह पुत्र राजेश बहादुर सिंह, निवासी ग्राम प्रेमचक पोस्ट बिजेमऊ रायबरेली, एलएलबी थ्री इयर, फर्स्ट सेमेस्टर
- आशीष मिश्रा पुत्र परमानंद मिश्रा, ग्राम व पोस्ट कादीपुर, सुल्तानपुर, एलएलबी थ्री त्रिवर्षीय फर्स्ट सेमेस्टर
- विपुल बालियान पुत्र किरन पाल सिंह, योगा, निवासी ग्राम व पोस्ट भोषा तहसील जनसाथ जिला मुजफ्फरनगर
-अवकाश सिंह पुत्र जय शंकर सिंह निवासी ग्राम गोवधर्नपुर पोस्ट डोरा परबडोरा, अमेठी
-अवनीश सिंह- बीए द्वितीय वर्ष
- सुधांशु सिंह-बीए द्वितीय वर्ष
-महेंद्र यादव- बीए तृतीय वर्ष
- अभिनेष जायसवाल- बीए द्वितीय वर्ष
- मनीष सिंह- एमए एआईएच
- आशुतोष सिंह- एमए द्वितीय वर्ष, समाज कार्य
- पूजा शुक्ला पुत्री राकेश कुमार शुक्ला, एमए दर्शन शास्त्र