लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की दुश्वारियां कम नहीं हो रही है। इमरजेंसी की कमान संभाले जूनियर डॉक्टर मरीजों के इलाज की बजाए उन्हें टरका रहे हैं। सोमवार दोपहर गंभीर हालत में आए मरीज को समय से मुकम्मल इलाज नहीं मिला। जूनियर डॉक्टर पहले टरकाते रहे। मरीज की सांसें उखड़ने लगी तब जाकर उसे इंजेक्शन लगाया। इसी बीच मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
चिनहट सराय निवासी विजय तिवारी 55 को सांस लेने में सोमवार दोपहर तकलीफ होने लगी। परिजन उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल ले गए। वहां से मरीज को लोहिया संस्थान रेफर किया गया। दोपहर करीब एक बजे निजी वाहन से परिजन मरीज को लेकर लोहिया की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। वहां पर जूनियर डॉक्टर पहले इधर-उधर दौड़ाते रहे। इसी बीच मरीज की सांसें उखड़ने लगी। बेटे ने विरोध जताया तो डॉक्टर ने मरीज को देखा। इस दौरान करीब आधा घंटा बीत चुका था। डॉक्टर ने इंजेक्शन लगवाने संग ऑक्सीजन मास्क लगाया मगर मरीज की जान नहीं बचाई जा सकी। बेटे का आरोप है कि इलाज देरी से शुरू होने से मरीज की हालत बिगड़ गई और इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई।
ई रिक्शा से लाए थे मरीज, नहीं मिली एंबुलेंस
बेटे रवि तिवारी ने बताया कि मरीज कार से लेकर घर से निकले थे। रास्ते में कार अचानक खराब हो गई। सरकारी एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया मगर वह नहीं मिली। मरीज की हालत बिगड़ती देख उसे ई रिक्शा में लेकर इमरजेंसी पहुंचे थे। इस दौरान मरीज की हालत बिगड़ने लगी थी। इमरजेंसी में इलाज देरी से शुरू हुआ तब तक मरीज की जान जा चुकी थी।
संस्थान में जांच के इंतजार में चली गई जान
लोहिया संस्थान की ओपीडी में सोमवार को रूटीन इलाज के लिए पहुंचे मरीज की इंतजार में जान चली गई। तीमारदार मरीज को उठाकर इमरजेंसी ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने जांच पड़ताल करके मृत घोषित कर दिया। बाराबंकी के रहने वाले रामकुमार शुक्ला 50 दूरसंचार विभाग में कार्यरत थे। उनका संस्थान की ओपीडी से इलाज चल रहा था। सुबह करीब 9 बजे इलाज के लिए पहुंचे थे। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने बाद जांच के लिए कतार में लगे थे। इसी बीच मरीज गश खाकर गिर गया। तीमारदार मरीज को उठाकर अस्पताल ब्लॉक में बनी इमरजेंसी ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप था मरीज के ओपीडी परिसर में गिरने बाद वहां पर किसी ने भी मदद नहीं किया। ऐसे में तीमारदार गोद में उठाकर मरीज को इमरजेंसी तक ले गए।