इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मोबाइल सिम कार्ड में फर्जीवाड़ा कर इन्हें चीन समेत अन्य देशों को भेजने वाले नेटवर्क के दो आरोपियों हर्ष कौशिक व तरुण सूर्या की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने शुक्रवार को आरोपियों की अर्जी पर दिया। अभियोजन के मुताबिक मामले में कई चीनी नागरिक भी पकड़े गए हैं।
सरकारी वकील शिवनाथ तिलहरी ने जमानत का विरोध करते हुए दलील दी कि इनमें से एक आरोपी सिम कार्ड को विदेशों में पहुंचाने का काम करता था। जबकि दूसरा रिटेलर था। इनका 20 से 22 लोगों का नेटवर्क था, जो सिम कार्ड लेने वालों के ब्योरे के साथ दूसरी फोटो लगाकर प्री एक्टिवेटेड सिम कार्ड को चीन समेत अन्य देशों को भेजते थे।
तफ्तीश में वहां इन सिम कार्ड के चालू होने का पता चला। इस पर एटीएस ने इन्हें पकड़ा। सरकारी वकील का कहना था कि मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है। ऐसे में आरोपी जमानत पर रिहा करने योग्य नहीं हैं। उधर, आरोपियों की ओर से उन्हें फर्जी फंसाए जाने का तर्क दिया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी खारिज कर दी।