छह माह में डीजल की कीमत 10 रुपये तक बढ़ जाने के कारण राजधानी के ट्रांसपोर्टरों ने बुधवार को माल भाड़ा 40 फीसदी तक बढ़ा दिया। अब छोटे ट्रक से माल की ढुलाई पर 40 फीसदी और बड़े ट्रक से 30 फीसदी बढ़ा किराया लिया जाएगा। व्यापारियों के मुताबिक इससे खाद्य सामग्रियों की कीमतों उछाल आना तय है। इसका सीधा असर जनता की जेब पर पड़ेगा।
लखनऊ गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार छाबड़ा ने कहा कि माल बढ़ाना ट्रांसपोर्टराें की मजबूरी है क्योंकि छह माह में डीजल का दाम 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ चुका है। पुराने भाड़े पर ट्रक का संचालन कर पाना संभव नहीं है। दि ट्रक ऑपरेटर एवं ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन (टोटा) के प्रांतीय अध्यक्ष अरुण अवस्थी ने बताया कि डीजल की बढ़ती कीमत महंगाई बढ़ाएगी।
ट्रांसपोर्टर नेता विजय कुमार छाबड़ा ने कहा कि डीजल एवं पेट्रोल का रेट बढ़ने से ट्रांसपोर्टर एवं जनता की जेब कट रही है। महीने की आखिरी तारीख तक कीमत एक से दो रुपये लीटर बढ़ जाती है।
यहां देखें, लखनऊ से ट्रकों का भाड़ा
डेमो
लखनऊ दाल एवं चावल मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि ट्रांसपोर्टराें द्वारा माल भाड़ा बढ़ा देने का असर दूसरे राज्यों से आने वाली खाद्य वस्तुआें की कीमत पर पड़ेगा।
अभी तो बाजार में दाल, चावल सहित अन्य वस्तुएं सरप्लस में हैं, इसलिए आवक घटी है। बाद में आवक के साथ कीमतें भी बढ़ेंगी। लखनऊ से बाहर जाने वाली वस्तुएं महंगी बिकेगी।
लखनऊ से ट्रकों का भाड़ा रुपये में
कहां तक पहले अब
वाराणसी 9000 12,000-13,000
आजमगढ़ 9000 12,000-13,000
इटावा 8000 10,000-11,000
आगरा 10,000 13,000-14,000
गोरखपुर 10,000 13,000-14,000
इलाहाबाद 7000 9000-10,000
कानपुर 3000 4000-4500