मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा है कि जहां पर अभी भी निराश्रित गोवंश हैं, वहां तत्काल अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण कराकर, उन्हें वहां संरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा है कि निराश्रित गोवंश के संबंध में किसी भी माध्यम से जानकारी प्राप्त होती है तो खबर के तथ्यों की गहनता से जांच कराई जाए और सत्यता पाए जाने पर तत्काल उचित कार्यवाही की जाए।
मुख्य सचिव निराश्रित गोवंश के संबंध में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निराश्रित गोवंश का चिन्हांकन कर उन्हें तत्काल निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में पहुंचाया जाए। साथ ही सुनिश्चित कराया जाए कि प्रदेश में किसी भी ग्राम पंचायत से निराश्रित गोवंश व छुट्टा पशुओं से किसानों की फ सल को नुकसान पहुंचाने की शिकायत न प्राप्त हो। मुख्य सचिव ने कहा है कि निराश्रित गोवंश के लिए अस्थाई बाड़ों के निर्माण के लिए ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर उनका सहयोग प्राप्त किया जाए।
उन्होंने आश्रय स्थलों में प्रत्येक सप्ताह निराश्रित गोवंशों का हेल्थ चेक-अप कराने व गोवंश के लिए पर्याप्त मात्रा में चारा, भूसा, पानी, शेड व अलाव की उचित व्यवस्था का निर्देश दिया है। उन्होंने निर्देशित किया है कि यदि किसी आश्रय स्थल में क्षमता से अधिक गोवंश मौजूद तो उन्हें किसी कम संख्या वाले आश्रय स्थल में स्थानांतरित कर दिया जाए।
उन्होंने सब्जी मंडी व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर निराश्रित गोवंश को चिन्हित कर उन्हें आश्रय स्थलों में पहुंचाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश के संरक्षण व उनके भरण-पोषण के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है। उपलब्ध धनराशि का सदुपयोग कराकर निराश्रित गोवंशों को संरक्षित किया जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव नियोजन सुरेश चंद्रा, अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव पशुपालन सुधीर गर्ग व वीडियो कांफ्रें सिंग के माध्यम से मंडलीय व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।