जीएसटी विभाग में वरिष्ठ सहायक विकास वर्मा ने व्यापारी पर फर्जी फर्म बनाकर 12.58 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप लगाया है। उन्होंने आलमबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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विकास वर्मा ने बताया कि 24 सितंबर को व्यापारी अमोद बाबू ने फर्म कृष्णा इंटरप्राइजेज का संचालन आलमबाग में दिखाते हुए जीएसटी कार्यालय में पंजीकरण कराया था। उस समय जो बिजली बिल लगाया, वह जांच में फर्जी निकला। अधिकारी ने निरीक्षण किया तो मौके पर फर्म का संचालन नहीं मिला।
विकास ने बताया कि जीएसटी पोर्टल पर देखने पर पता चला कि अमोद ने दो फर्मों से अपना व्यापार दिखाते हुए 12.58 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी की। इंस्पेक्टर सुभाष सरोज के मुताबिक जीएसटी विभाग से व्यापारी के दस्तावेज मांगे गए हैं। तफ्तीश चल रही है। साक्ष्य संकलन होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।