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श्रीनगर एनआईटी में फंसे लखनऊ के छात्र, सीएम से लगा रहे मदद की गुहार

Fri, 08 Apr 2016 10:28 AM IST
शैलेश अरोड़ा/अमर उजाला, लखनऊ
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एनआईटी में प्रदर्शन करती छात्राएं
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‘सर, प्लीज हमें बचा लीजिए। यहां का माहौल बहुत खराब है। पुलिस वालों ने हमें लाठियों से बहुत मारा है, किसी को नहीं छोड़ा। सर हमारी जान खतरे में है, प्लीज हमें यहां से निकलवा दीजिए।’
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यह दर्दभरी गुहार श्रीनगर एनआईटी में फंसे राजधानी के तकरीबन 20 छात्रों की है। इनका कहना है कि उन्होंने सीएम ऑफिस में भी फोन किया लेकिन कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।

‘अमर उजाला’ से फोन पर हुई बातचीत में वहां के स्टूडेंट्स ने जब अपनी व्यथा सुनाई तो सभी की आवाज में दहशत और घबराहट साफ झलक रही थी। बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र सूरज (बदला हुआ नाम) ने रोते हुए कहा, मेरे पापा हॉर्ट पेशेंट हैं। पता नहीं उनकी क्या हालत होगी।
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बीटेक थर्ड ईयर के ही छात्र विशेष (बदला हुआ नाम) ने बताया कि वहां इस समय लखनऊ के 20 से अधिक स्टूडेंट्स हैं। यूपी की बात करें तो इनकी संख्या बहुत अधिक है। कैंपस के अंदर का माहौल बेहद डरावना है। कहने को तो सीआरपीएफ लगी है लेकिन परिसर में अनजान लोग धड़ल्ले से आ रहे हैं।

छात्र ने मफलर से फांसी लगाने का किया प्रयास

सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी
छात्र ने बताया कि यूपी के ही बीटेक प्रथम वर्ष के एक छात्र ने बुधवार की रात अपने कमरे में मफलर से फांसी लगाने का प्रयास किया। खिड़की से नजर पड़ी तो बाकी स्टूडेंट्स ने किसी तरह दरवाजा तोड़कर उसे बचाया।

नाम बताने से डर रहे छात्र
सीतापुर से बीटेक करने गए राघव (बदला हुआ नाम) ने बताया कि हर कोई इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है लेकिन स्टूडेंट्स को राजनीति से क्या मतलब, हमें तो मदद चाहिए। फोन पर बात करने वाले कुछ स्टूडेंट्स तो इतना डरे हुए थे कि अपना नाम तक नहीं बताया।

उन्होंने कहा, नाम सामने आने पर न सिर्फ उनको फेल कर दिया जाएगा बल्कि हर समय जान का खतरा भी बना रहेगा। राघव ने कहा, हम लोग बस इतना ही चाहते हैं कि सरकार श्रीनगर के बाहर से पढ़ने आए स्टूडेंट्स को वहां से हटाकर कहीं और शिफ्ट करा दे।
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ऐसे पीटा जैसे स्टूडेंट नहीं, टेरेरिस्ट हों

बीटेक तृतीय वर्ष के ही एक अन्य छात्र ने बताया कि यहां का माहौल पहले से ही खराब है। जब बीटेक प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया तो कैंटीन वाले तक ने कई बार धमकी दी कि ज्यादा बोले तो फेल करा दूंगा।

छात्र ने बताया कि जिस दिन वेस्ट इंडीज से इंडिया हारी तो बाहरी लड़कों ने पथराव किया और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। हम इस बात की शिकायत करने संस्थान के निदेशक के पास गए तो उन्होंने कुछ नहीं किया।

परिसर में देश विरोधी नारे लग रहे थे। इस पर जब इन छात्रों ने हाथ में तिरंगा लेकर भारत माता की जय बोला तो पुलिस वालों ने उन्हें ही खदेड़ना शुरू कर दिया।

छात्र ने बताया कि लाठीचार्ज में उसे भी काफी चोटें आई हैं। वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा। जिस-जिस ने भारत माता की जय बोला उन सभी को 5-5 पुलिस वालों ने लाठी से पीटा है। जैसे हम स्टूडेंट्स नहीं, क्रिमिनल या टेरेरिस्ट हों।
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