कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश में राजधानी पुलिस की 10 टीमें पिछले 10 दिनों से जुटी हैं। इस बीच श्रद्धा के लगातार वीडियो सामने आ रहे हैं। रविवार को एक मीडिया संस्थान से बातचीत का श्रद्धा का नया वीडियो सामने आया। इसमें उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
3 मिनट 56 सेकंड के इस वीडियो में श्रद्धा ने कहा कि उस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उसका दावा है कि शिवा ने आत्महत्या की थी और उसने उसे अपनी बिल्डिंग की चौथी मंजिल से छलांग लगाते हुए देखा था। श्रद्धा के मुताबिक, बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सामने आने से सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी। उसने सवाल उठाया कि नेपाल बॉर्डर के कैमरों की जांच की गई लेकिन उसकी बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज अब तक क्यों नहीं निकाले गए। श्रद्धा का दावा है कि फुटेज से उनकी बेगुनाही साबित हो जाएगी।
चार महीने पहले हुई थी जान-पहचान
श्रद्धा ने बताया कि वह शिवा को करीब चार महीने से जानती थी। उसके मुताबिक, दोनों के बीच बातचीत की पुष्टि कॉल डिटेल से हो सकती है। उसने दावा किया कि शुरुआती ढाई महीने तक शिवा उसके दोस्त थे और घर नहीं आते थे। करीब डेढ़ महीने पहले उनका घर आना-जाना शुरू हुआ था। श्रद्धा का कहना है कि इतने कम समय में उनके संबंध इतने खराब नहीं हुए थे कि वे एक-दूसरे के खिलाफ ऐसा कदम उठाने के बारे में सोचते।
शिवा की मां के पसंद न करने का दावा
श्रद्धा के मुताबिक, शिवा की मां उसे पसंद नहीं करती थीं। इसकी वजह बताते हुए उसने कहा कि संभव है कि वह शिवा से एक-दो साल बड़ी थी। श्रद्धा ने दावा किया कि शिवा ने उसे बताया था कि उस पर 16 से 17 लाख रुपये का कर्ज था और उन्होंने उससे भी पैसे मांगे थे। अपने घर से जेवर गायब होने के मामले में श्रद्धा ने दावा किया कि शिवा उसके घर से पांच-छह लाख रुपये के जेवर ले गए थे। उसने इसे अपना निजी मामला बताते हुए कहा कि शिवा उसके करीबी थे और उन्हें जेवर ले जाने का हक था।
सदमे और डर के कारण छोड़ा शहर
श्रद्धा ने बताया कि उसे सांस लेने में दिक्कत समेत कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं। घटना के बाद सदमे में होने के कारण उसे शहर छोड़ना पड़ा। कहा कि वह हालात का डटकर सामना करना चाहती थी लेकिन सदमे के चलते ऐसा नहीं कर सकी। वीडियो के अंत में श्रद्धा ने पुलिस और न्यायपालिका से निष्पक्ष जांच की अपील की। उसने कहा कि केवल हत्या का आरोप लगा देने से किसी को पूरे देश के सामने अपराधी साबित कर देना न्याय नहीं है।