सपा के पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह अस्पताल में भर्ती
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अपने क्षेत्र की दो सड़कों की मांग को लेकर लखनऊ में रविवार से अनशन पर बैठे गौरीगंज से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह को पुलिस ने शुक्रवार रात 12 बजे जबरन उठा लिया। उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में ड्रिप लगवाने से मना कर दिया तो उनका बांधकर जबरन ड्रिप लगाई गई और ग्लूकोच चढ़ाया गया। सड़क के मुद्दे को लेकर राकेश प्रताप विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।
गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह अपने क्षेत्र की दो सड़कों की मरम्मत न कराए जाने से क्षुब्ध होकर रविवार को इस्तीफा दिया और धरने पर बैठ गए। दो दिन के धरने के बाद उन्होंने आमरण अनशन शुरू कर दिया। शुक्रवार शाम उनकी हालत बिगड़ गई। इस पर पुलिस ने रात करीब 12 बजे उन्हें जबरन उठाया और सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया। शनिवार दोपहर बाद पूर्व मंत्री अरबिंद सिंह गोप सिविल अस्पताल पहुंचे और विधायक का हालचाल लिया। उन्होेंने कहा कि प्रदेश सरकार नैतिक अधिकारों का हनन कर रही है।
सरकार हठधर्मिता छोड़े, मांगें मानें : चौधरी
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने राकेश का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार हठधर्मिता छोड़े और मांगें मानें अन्यथा पूरे मामले को लेकर सपा आंदोलन करेगी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश में विकास की रफ्तार जीरो है। यह विडंबना है कि विधानसभा का एक सदस्य अपने क्षेत्र की दो सड़कों की मरम्मत के लिए पांच साल से सदन में आवाज उठा रहा है। सदन का कार्यकाल अंत की तरफ है। फिर भी कोई कार्य नहीं हुआ।