राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर थानाक्षेत्र के विकासखंड में फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा कर साइबर सेल की टीम ने सोमवार दोपहर चार युवकों को दबोच लिया। पकड़े गए युवक विभिन्न राज्यों में बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्र की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। ठगों के खिलाफ छत्तीसगढ़ के सूरजपुर के रामानुजनगर थाने में एफआईआर दर्ज है। कॉल सेंटर से दो कंप्यूटर, दो लैपटॉप, एक प्रिंटर, फर्जी आईडी से लिए गए 17 मोबाइल फोन, कार, बुलेट बाइक और फर्जी मुहरें बरामद हुई हैं।
एएसपी पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बदमाशों में बिहार के वैशाली महुवा लक्ष्मीनारायनपुर में रहने वाला गौरव राज, प्रतापगढ़ के पहाड़पुर बवरिहा निवासी देवदत्त शुक्ला, इलाहाबाद के उतराव सैदाबाद का सुशील मिश्रा व नई दिल्ली का मनीष चौहान शामिल है। देवदत्त गिरोह का सरगना है। चारों यहां गोमतीनगर थाने के पीछे किराए का कमरा लेकर रहते थे और पास ही एक मकान के बेसमेंट में कॉल सेंटर खोल रखा था।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 23 अक्तूबर को करीब दो लाख रुपये ठगने का केस दर्ज हुआ था। वहां की पुलिस ने मोबाइल नंबरों की पड़ताल की तो ठगों की लोकेशन लखनऊ में मिली। छत्तीसगढ़ के रामानुजनगर थाने में तैनात एएसआई विराट वीसी, हेड कांस्टेबल हेमंत सोनवानी, कांस्टेबल विश्वजीत सिंह और रामसागर साहू लखनऊ पहुंचे और साइबर सेल की मदद से कॉल सेंटर पर छापा मारा। कॉल सेंटर में सात लड़कियां भी नौकरी कर रही थीं, जिन्हें पुलिस ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। जबकि चारों संचालकों को गिरफ्तार कर कंप्यूटर-लैपटॉप व अन्य सामान जब्त कर लिया।
पूछताछ में ठगों ने बताया कि वह कई साल से दिल्ली, हरियाणा व बिहार में कॉल सेंटर चला रहे थे। एएसपी पूर्वी ने बताया कि चारों को छत्तीसगढ़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस टीम में साइबर सेल के प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह, इंस्पेक्टर विजयवीर सिंह सिरोही, कांस्टेबल फिरोज बदर, अखिलेश कुमार, शरीफ खान, संतोष कुमार, रामप्रवेश मौर्या, महिला कांस्टेबल चित्रलेखा शामिल थे।