पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने मंगलवार को 106 प्रमोटी अवर अभियंताओं (जेई) को पदावनत करने का आदेश जारी कर दिया। सपा शासन में इन्हें नियमों को ताक पर रखकर बाबू से जेई बनाया गया था।
पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने मंगलवार को 106 प्रमोटी अवर अभियंताओं (जेई) को पदावनत करने का आदेश जारी कर दिया। सपा शासन में इन्हें नियमों को ताक पर रखकर बाबू से जेई बनाया गया था।
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पीडब्ल्यूडी में जेई के रिक्त पदों के सापेक्ष 5 प्रतिशत तक पद बाबुओं की पदोन्नति से भरे जा सकते हैं। इसके तहत वर्ष 2016 में दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से डिप्लोमा लेने वाले बाबुओं को भी जेई बना दिया गया। हालांकि, बाद में हुई तत्कालीन मुख्य अभियंता एचएन पांडेय की कमेटी ने अधिकतर प्रमोटी जेई का डिप्लोमा अवैध करार दिया।
इस रिपोर्ट का परीक्षण करने वाली प्रमुख अभियंता एके श्रीवास्तव की रिव्यू कमेटी ने भी कमोबेश उसी रिपोर्ट पर मुहर लगा दी। रिव्यू कमेटी ने 124 में से 106 का डिप्लोमा अवैध बताया। कमेटी ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट विभागाध्यक्ष को सौंपी। उन्होंने तत्काल इसे अनुमोदित करते हुए 106 प्रमोटी जेई को पदावनत करने का आदेश जारी कर दिया।