शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़ी भीड़
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शहीद अश्विनी कुमार को श्रद्धांजलि देने मंगलवार को जन सैलाब उमड़ पड़ा। सदर कैंट तोपखाना से पिपराघाट तक की शव यात्रा में अश्विनी की मौत पर सभी की आंखें नम थी। करीब 10 बजे अश्विनी की शव यात्रा पिपराघाट के लिए रवाना हुई और पूर्वाह्न 11:30 बजे अंत्येष्टि हो सकी। अंत्येष्टि से पूर्व सेना एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सलामी देकर विदाई दी।
इस मौके पर सेना के अधिकारी ने आश्वस्त किया कि अश्विनी की मां को पेंशन एवं परिवार को नीतिगत जो भी सहूलियतें होंगी मुहैया कराई जाएंगी। छावनी बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने बताया कि अश्विनी का पार्थिव शरीर रविवार एवं सोमवार की आधी रात को छावनी पहुंचा था, जो सुबह करीब नौ बजे उसके तोपखाना स्थित आवास पर पहुंचा।
अश्विनी के पार्थिव शरीर को देख परिजनों का इस कदर रोना शुरू हुआ कि श्रद्धांजलि में पहुंचे हर व्यक्ति की आंखों से आंसू आ गए। अश्वनी कुमार महाराष्ट्र के अहमदनगर में ट्रेनिंग के दौरान करंट की चपेट में आने से शहीद हो गए थे।
तीन बहनों का था अकेला भाई
छावनी के तोपखाना निवासी अनिल कुमार के चार बच्चे थे, जिसमें तीन बेटी व एक बेटा था। अश्विनी अपनी तीन बहनोें का अकेला भाई था। उसके शहीद होने के बाद परिवार के सामने मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है, लेकिन केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया कि परिवार की आर्थिक मदद की जाएगी।