गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले कारोबारियों को अब ट्रेड सर्टिफिकेट लेने के लिए आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये प्रमाणपत्र अब उन्हें ऑनलाइन मिलेगा। लखनऊ समेत प्रदेश भर में लागू होने वाली इस नई व्यवस्था के तहत आरटीओ के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अब सीधे मैनुअल ट्रेड सर्टिफिकेट नहीं बना सकेंगे। ऑनलाइन बनने वाले ट्रेड सर्टिफिकेट की वैधता भी पांच साल तक होगी। इस संबंध में केंद्र सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 5 मई को अधिसूचना जारी कर दी है।
लखनऊ के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अखिलेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि अब तक ट्रेड सर्टिफिकेट की वैधता एक साल होती थी, इसके बाद कारोबारी को हर साल नवीनीकरण कराना पड़ता था, लेकिन ऑनलाइन प्रमाणपत्र की वैधता पांच साल होगी। इस सिलसिले में मंत्रालय के संयुक्त सचिव महमूद अहमद ने अधिसूचना जारी की है। नई व्यवस्था में कारोबारियाें को ट्रेड सर्टिफिकेट बनवाने के लिए परिवहन विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना पड़ेगा। यहीं नहीं अब कारोबारियों को कारोबार स्थल का पता बदलवाने के लिए भी ऑनलाइन ही फार्म 17 सी के जरिये आवेदन करना पड़ेगा।