फ्लैट की कीमत लेकर आवंटन न करना रीयल इस्टेट कंपनी अंसल को भारी पड़ गया। राज्य उपभोक्ता आयोग ने अंसल को मूल रकम 17 लाख रुपये के अलवा उस पर नौ साल का ब्याज और 15 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश सुनाया।
फ्लैट की कीमत लेकर आवंटन न करना रीयल इस्टेट कंपनी अंसल को भारी पड़ गया। राज्य उपभोक्ता आयोग ने अंसल को मूल रकम 17 लाख रुपये के अलवा उस पर नौ साल का ब्याज और 15 लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश सुनाया। मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अशोक कुमार और सदस्य राजेन्द्र सिंह ने की।
विज्ञापन
अमेठी निवासी आशीष कुमार सिंह और भावना सिंह ने उपभोक्ता आयोग में अंसल प्रापर्टीज के खिलाफ वाद दायर किया था। उनका कहना था कि सुशांत गोल्फ सिटी में पाइनवुड अपार्टमेंट में फ्लैट बुक किया था। इस संबंध में छह मार्च 2014 को एग्रीमेंट किया गया था। छह साल पूरा होने के बाद भी फ्लैट का कब्जा नहीं मिला। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने अंसल प्रापर्टीज के खिलाफ फैसला दिया कि वादी को 17.15 लाख रुपये भुगतान की तारीख से 12 फीसदी सालाना ब्याज के साथ अदा करें। ये रकम करीब 21 लाख रुपये अतिरिक्त होती है। इसके अलावा अत्यधिक विलंब के लिए पांच लाख, मानसिक अवसाद के लिए पांच लाख और सेवा में कमी के लिए पांच लाख यानी कुल 15 लाख रुपये कंपनी को देना होंगे। ये भुगतान 60 दिन के अंदर करना होगा।