प्रयागराज के मेजा की रहने वाली युवती की हत्या उसके प्रेमी हर्षित शुक्ला ने गला घोंटकर की गई थी। हत्या के पहले उसके साथ दुष्कर्म भी किया था। इसके बाद वह अपने मां-पिता के सहयोग से शव को बोरे में भरकर ठेले से रामदास खेड़ा स्थित बाग ले गया। जहां बाग में ट्यूबेल के पास बने गड्ढे में डाल दिया। पुलिस ने आरोपी हर्षित को शनिवार रात को गिरफ्तार किया था। वहीं उसके मां-पिता को रविवार सुबह दबोच लिया। तीनों को कोर्ट में पेश कर दिया है। जहां से जेल भेज दिया गया है।
मालूम हो कि कृष्णानगर के रामदासखेड़ा स्थित बाग के पास शुक्रवार को ट्यूबवेल के गड्ढे में प्रयागराज की युवती का शव बोरे में भरकर फेंका गया था। युवती लखनऊ में रहकर एक निजी कंपनी में काम करती थी। हत्या की सूचना पर उसका भाई दिल्ली से लखनऊ पहुंचा। शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर युवती के भाई ने बताया कि हर्षित अक्सर बहन के साथ मारपीट करता था। उसने धमका कर बहन को साथ में रखा था। इसकी कई बार कृष्णानगर पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस लापरवाही न करती तो उसकी बहन जिंदा होती। युवती की मां का आरोप है कि 12 मई को हषिर्त बेटी से मारपीट कर 25 हजार रुपये छीन ले गया। पुलिस को सूचना दी गई थी। लेकिन पुलिस ने शांति भंग की कार्रवाई की।
दो दिन तक शव घर में रखा, तीसरे दिन लगाया ठिकाने
डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक पूछताछ में आरोपी हर्षित ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि युवती अक्सर रुपये की मांग करती थी। जिसके कारण विवाद होता था। 12 सितंबर को उसे घुमाने के बहाने से अपने घर पंडित खेड़ा लेकर गया। जहां उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। दो दिनों तक अपने कमरे में शव छिपाये रखा। तीसरे दिन माता-पिता के सहयोग से शव को ठिकाने लगाया। इसके लिए पहले एक कंबल में शव को लपेटा।
फिर उसे प्लास्टिक के बोरी में भरा। ठेला पर शव रखकर रामदास खेड़ा के बाग में स्थित ट्यूबेल के गड्ढे में फेंक दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतका की परिजनों की तहरीर हत्या, दुष्कर्म व साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज किया था। शनिवार रात को आरोपी प्रेमी हर्षित शुक्ला को गिरफ्तार किया। इसके कुछ देर बाद ही उसके माता-पिता प्रेमचंद्र शुक्ल व माधुरी शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया है।