मौलाना रहमानी ने कहा कि रविवार को सचिव और कुछ सदस्यों ने इस मामले पर चर्चा की। इसमें महिला विंग की संयोजक डॉ अस्मा जेहरा हैदराबाद और अतिया, दिल्ली भी शामिल हुईं। सभी की एक राय थी कि महिला विभाग, महिला विंग एक महत्वपूर्ण विभाग है, जिसे भंग करने की बात गलतफहमी पर आधारित है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी ने बोर्ड की महिला विंग को भंग करने की अटकलों पर विराम लगाते हुए इसे निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि बोर्ड के विभिन्न विभागों में महिला सदस्यों को शामिल कर उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया है। महिला विंग के लिए नए नियम और कानून बनाए जा रहे हैं, इसलिए अस्थायी रूप से उन्हें किसी भी गतिविधि में शामिल होने से रोका गया है। जल्द महिला विंग की गतिविधियां शुरू होंगी।
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मौलाना रहमानी ने कहा कि रविवार को सचिव और कुछ सदस्यों ने इस मामले पर चर्चा की। इसमें महिला विंग की संयोजक डॉ अस्मा जेहरा हैदराबाद और अतिया, दिल्ली भी शामिल हुईं। मौलाना ने बताया कि सभी की एक राय थी कि महिला विभाग, महिला विंग एक महत्वपूर्ण विभाग है, जिसे भंग करने की बात गलतफहमी पर आधारित है। बोर्ड की उपसमितियों में विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि अपनी काबलियत के हिसाब से शामिल होते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह अपने दम पर कोई निर्णय लेते हैं। बोर्ड के अध्यक्ष के आदेश पर महासचिव उसका एलान करते हैं।