लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर स्थित खम्मनपीर मजार को हटाने की मांग अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेद ने की थी। घोषणा की थी बुधवार को मजार पर सुंदरकांड का पाठ करेंगे। इसे लेकर पुलिस अधीक्षक रेलवे के निर्देश पर मजार की सुरक्षा बढ़ा दी गई। साथ ही लालबाग स्थित प्रदेश प्रवक्ता के आवास पर कैसरबाग पुलिस ने घेरा डाल दिया।
शिशिर चतुर्वेदी को नजरबंद करने के बाद कैसरबाग पुलिस ने घर के अंदर से लेकर बाहर तक छावनी बना दी। इस दौरान शिशिर ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन कार्रवाई का हवाला देने पर वे शांत हो गए। मामले को लेकर 29 जनवरी को जीआरपी चारबाग के इंस्पेक्टर ने पुलिस अधीक्षक रेलवे पूजा यादव को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद 31 जनवरी की रात पुलिस अधीक्षक रेलवे ने खम्मनपीर मजार के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए थे।
मजार के आस पास प्रदर्शन और हंगामे की आशंका के चलते मंगलवार देर रात से ही पुलिस कमिश्नरेट मध्य जोन और रेलवे पुलिस अलर्ट हो गई थी। साथ ही चारबाग रेलवे स्टेशन बुधवार सुबह से ही छावनी में तब्दील हो गया। जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था। स्टेशन पर आने वाले हर यात्री पर पैनी नजर रखी जा रही थी।
उधर, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का चारबाग रेलवे स्टेशन बुधवार सुबह से ही छावनी में तब्दील हो गया। जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था। स्टेशन पर आने वाले हर यात्री पर पैनी नजर रखी जा रही थी। दरअसल, स्टेशन स्थित खम्मनपीर मजार पर अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी समर्थकों के साथ सुंदरकांड करने जाने वाले थे, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे, इसलिए जीआरपी मौकेपर तैनात थी। राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने चारबाग स्थित खम्मन पीर मजार हटाए जाने को लेकर एक फरवरी को मजार के अंदर सुंदरकांड पाठ आयोजित करने का फैसला लिया था। जिसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक रेलवे को दी गई थी। वह चारबाग रेलवे स्टेशन पर स्थित खम्मन पीर मजार को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले भी यहां पर प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन चारबाग स्टेशन पहुंचने से पूर्व ही उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। बावजूद इसके चारबाग रेलवे स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती दंगा विरोधी उपकरण के साथ कर दी गई थी। जीआरपी रिजर्व पुलिस लाइंस और सभी शाखाओं के रेलवे कार्यालय के पुलिस अधीक्षक कार्यलयों में नियुक्त पुलिस बल के जवानों को यहां पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए थे। बता दें कि गत वर्ष अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील चतुर्वेदी अपने समर्थकों के साथ लखनऊ के रेलवे की जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर प्रदर्शन करने पुलिस अधीक्षक जीआरपी कार्यालय गए थे, उन्होंने रेलवे जमीनों से धार्मिक स्थल हटाने की मांग की थी।