विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनसांख्यिकी असंतुलन संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने ट्वीट करके यह प्रतिक्रिया व्यक्त की। सपा अध्यक्ष के अलावा कई अन्य नेताओं ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि अराजकता आबादी से नहीं, लोकतांत्रिक मूल्यों की बर्बादी से उपजती है। सोमवार को विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनसांख्यिकी असंतुलन संबंधी बयान पर पलटवार करते हुए अखिलेश ने ट्वीट करके यह प्रतिक्रिया व्यक्त की। सपा अध्यक्ष के अलावा कई अन्य नेताओं ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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संभल सेसपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने कहा कि राजनीतिक फायदा उठाने की मंशा से भाजपा जनसंख्या का मुद्दा उठा रही है। उन्होंने जनसंख्या कानून के बजाय तालीम और रोजगार पर काम करने की नसीहत दी है। इसी तरह पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान आश्चर्यचकित करने वाला है। हम दो हमारे दो का फार्मूला आज का नहीं है। यह फार्मूला 1980 से चला आ रहा है। एक वर्ग भाजपा की आंखों में चुभ रहा है, जबकि मुख्यमंत्री का दिल बड़ा होना चाहिए।
मालूम हो कि जनसंख्या दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जनसंख्या स्थिरीकरण में इस बात का ध्यान रखें कि जनसांख्यकीय असंतुलन की स्थिति न पैदा होने पाए। यदि रिलिजियस डेमोग्राफी ( धार्मिक जनसांख्यकीय) पर विपरीत असर पड़ता है तो एक समय के बाद वहां अव्यवस्था, अराजकता पैदा होने लगती है। इसलिए जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रयासों से सभी वर्ग को समान रूप से जोड़ा जाना चाहिए।