दो साल पहले कन्नौज के तिर्वा थाने में हिरासत में हुई शिक्षक पर्वत सिंह के मौत के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर एसआईटी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मुकदमे में कन्नौज जिले के तिर्वा थाने के तत्कालीन इंस्पेक्टर त्रिभुवन प्रसाद वर्मा, विवेचक इंस्पेक्टर विकास राय, हेड मोहर्रिर राधेश्याम और सिपाही अरुण कुमार को नामजद किया गया है।
घटना 20 मार्च 2020 की है। जालौन के गिधौंसा के रहने वाले शिक्षक पर्वत सिंह अपने ससुराल कन्नौज के तिर्वा थानाक्षेत्र के सुक्खापूर्वा गांव में रह रही पत्नी नीरज सिंह को बुलाने गए थे। रात को पत्नी व ससुराल वालों से विवाद हो गया। पत्नी की शिकायत पर तिर्वा पुलिस ने पर्वत सिंह को हिरासत में लेकर हवालात में बंद कर दिया था। कोतवाली परिसर में ही पर्वत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जिसके बाद पर्वत सिंह के पिता श्रीराम की तहरीर पर ससुराली जनों पत्नी नीरज, मृतक के साले प्रगति कुमार और शिशिर कुमार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब एक वकील की याचिका पर हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने का आदेश दिया। सीबीसीआईडी ने अपनी जांच में पुलिस कर्मियों को ही दोषी माना और उनके खिलाफ तिर्वा कोतवाली में बीते अप्रैल महीने में मुकदमा भी कायम करा दिया। जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ उसमें इंस्पेक्टर त्रिभुवन प्रसाद वर्मा और कांस्टेबल अरुण कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की और सीबीसीआईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए इस मामले की जांच एसआईटी से कराने का अनुरोध किया। न्यायालय ने अनुरोध स्वीकार करते हुए इस मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी। अब एसआईटी ने कन्नौज के तिर्वा में पूर्व में दर्ज दोनों ही मामलों को अपने-अपने थाने में दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।