छत्तीसगढ़ से गिरफ्तार किये गये आईएस के पुणे माड्यूल का सक्रिय सदस्य वजीहुद्दीन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में आतंक की नर्सरी तैयार रहा था। यूनिवर्सिटी के छात्र उसे प्रोफेसर के नाम से जानते थे। पीएचडी करने के बाद वह अलीगढ़ में कोचिंग चलाता था, जिसकी आड़ में युवाओं का जिहादी गतिविधियों के लिए ब्रेनवॉश करता था। इसी वजह से एटीएस उसे पुणे माड्यूल का मास्टरमाइंड मान रही है।
बता दें कि वजीहुद्दीन को एटीएस ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से गिरफ्तार किया था। इससे पहले उसका मूल निवास राजनंदगांव में बताया गया था, जिसकी वजह से उसकी वहां भी तलाश हो रही थी। आईएस के संदिग्ध आतंकी अब्दुल्ला अर्सलान और माज बिन तारिक की गिरफ्तारी के बाद उनसे हुई पूछताछ में वजीहुद्दीन के असली ठिकाने और मंसूबों का पता चला था। जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किये गये शाहनवाज और रिजवान भी वजीहुद्दीन से खासा प्रभावित थे। अलीगढ़ में कई महीनों तक रहने के दौरान शाहनवाज वजीहुद्दीन के संपर्क में आया था। वजीहुद्दीन को आईएस के इतिहास के बारे में गहरी जानकारी होने की वजह से तमाम छात्र उससे आसानी से प्रभावित हो जाते थे। अब एटीएस के अधिकारी एएमयू के छात्र अब्दुल समद मलिक और फैजान बख्तियार को तलाश रहे हैं, जो वजीहुद्दीन के करीबी बताए जाते हैं।
आईएस के हैंडलर्स से कराता था संपर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि युवाओं का ब्रेनवॉश करने के बाद वजीहुद्दीन उनका संपर्क आईएस के हैंडलर्स से कराता था। इसके लिए वह खास मोबाइल एप इस्तेमाल करने की सलाह देता था। वह आईएस हैंडलर के इशारे पर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। देश में शरिया कानून लागू करने के लिए अपने संगठन से अन्य लोगों को भी जोड़ रहा था और उनको आतंकी जिहाद का प्रशिक्षण देता था l