प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद की मदद मुंबई, प्रयागराज और लखनऊ के कुछ कारोबारी कर रहे हैं। अतीक की पत्नी शाइस्ता उनसे अतीक के कुछ खास गुर्गों के जरिए रकम मंगवा रही थी जिसे मुकदमा लड़ने और शूटरों तक भेजने में इस्तेमाल किया जा रहा था। शाइस्ता ने ही मेरठ में डॉ. अखलाक को भी पैसा भेजा था, जो उसने गुड्डू मुस्लिम और असद को दिया था। जांच में सामने आया है कि डॉ. अखलाक ने प्रयागराज में एक महिला अधिवक्ता को अपने खाते से 50 हजार रुपये भेजे थे।
सूत्रों की मानें तो शाइस्ता ने डॉ. अखलाक को शूटरों को देने के लिए लाखोंं रुपये भेजे थे। ये रकम लखनऊ और प्रयागराज के कुछ कारोबारियों से अतीक और अशरफ का खौफ दिखाकर जुटाई गयी थी। वहीं गुजरात में अतीक को मुंबई के कुछ कारोबारियों से मदद मिलने की जांच में पुष्टि हुई है।
बताते चलें कि दिल्ली में पनाह लेने के दौरान असद मेरठ में डॉ. अखलाक से एक लाख रुपये लेने आया था। यह खर्च होने पर उसने दिल्ली के अपने एक दोस्त को दोबारा डॉ. अखलाक से पैसा लेने भेजा था। डाॅ. अखलाक की गिरफ्तारी के बाद असद और बाकी शूटरों को पैसा पहुंचाने में अब दिक्कत होने लगी है। आशंका जताई जा रही है कि डॉ. अखलाक के गिरफ्तार होने के बाद अब शूटरों की मदद राजस्थान और हरियाणा में गद्दी समुदाय के कुछ लोग कर रहे हैं। इस समुदाय के कुछ लोगाें ने उमेश पाल की हत्या से एक माह पूर्व बरेली जेल में अशरफ से आकर मुलाकात भी की थी।
अजमेर में मिली गुड्डू की आखिरी लोकेशन
उमेश पाल हत्याकांड के शूटर गुड्डू मुस्लिम छह मार्च को मेरठ में डॉ. अखलाक के घर आने के बाद हरियाणा भाग गया था। करीब 15 दिन बाद वह दिल्ली में असद और गुलाम से मिला और उनसे कुछ पैसा लेकर वापस हरियाणा चला गया। एसटीएफ की एक टीम लगातार उसका पीछा करती रही। बार-बार मोबाइल बंद करने से उसकी सही लोकेशन नहीं पता चल रही थी। एसटीएफ को दस दिन पहले उसकी आखिरी लोकेशन राजस्थान के अजमेर में मिली थी। वहीं असद और गुलाम की लोकेशन भी दिल्ली से भागने के बाद नहीं मिल रही है।