- आरोपियों पर रुपये ऐंठने और पीजीआई पुलिस पर टरकाने का आरोप
- कमिश्नर के आदेश पर पुलिस ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
लखनऊ। पीजीआई थाने में मंगलवार को जावित्री अस्पताल एवं टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर के संचालक डॉ. राजुल त्यागी और उसकी बेटी डॉ. लावण्या के खिलाफ लापरवाही के कारण मौत होने की धारा में एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस ने यह कार्रवाई कमिश्नर के आदेश पर की है। पुलिस कमिश्नर से फैजुल्लागंज के नई बस्ती कृष्ण लोक कॉलोनी निवासी अमरदीप सरोज ने शिकायत की थी।
अमरदीप के मुताबिक, उन्हें और उनकी पत्नी अंजली को संतान चाहिए थी। इस सिलसिले में दो साल पहले उन्होंने तेलीबाग स्थित जावित्री अस्पताल में डॉ. राजुल त्यागी से संपर्क किया। उन्होंने टेस्ट ट्यूब के जरिये संतान होने का दावा किया था। सहमत होने पर आरोपी ने उनसे 50 हजार रुपये ले लिए थे। अमरदीप का आरोप है कि 28 अगस्त 2023 को वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। यहां परीक्षण में सब सामान्य होने के बावजूद डॉक्टर राजुल ने पत्नी को भर्ती कर लिया और बिना बताए 31 अगस्त को उसका ऑपरेशन भी कर दिया। अमरदीप ने कहा कि पत्नी ने दो बेटियों को जन्म दिया। डॉक्टर और उसकी बेटी ने उन्हें जच्चा-बच्चा के स्वस्थ होने की जानकारी दी।
प्रसूता की दोनों किडनी फेल होने की कही बात
रात 11 बजे तक भी जब पत्नी को सामान्य वार्ड में शिफ्ट नहीं किया गया तो अमरदीप ने आरोपी से इसका कारण पूछा। इस पर डॉक्टर राजुल ने पत्नी की दोनों किडनी खराब होने की बात कहते हुए खून का प्रबंध करने की बात कही। आरोप है कि पत्नी की अधिक हालत खराब होने पर आरोपी व उसकी बेटी ने डायलिसिस का बहाना बनाते हुए उसे वैलनेस मेडिसिन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। छह सितंबर को पत्नी की अस्पताल में ही मौत हो गई। अंतिम संस्कार और अन्य काम के बाद पीड़ित ने जब 20 दिसंबर 2023 को डॉक्टर पिता और बेटी के खिलाफ पीजीआई थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने उन्हें जांच के बहाने दो साल तक टरकाया। परेशान पीड़ित ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की। जांच के बाद कमिश्नर ने पीजीआई पुलिस को कार्रवाई का आदेश दिया। इंस्पेक्टर धीरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक मामले की तफ्तीश की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।