केजीएमयू हर दिन पर्चे बनाकर कमा रहा 40 हजार रुपये
- आभा एप पर पर्चे बनाने पर सरकार दे रही 20 रुपये, संस्थान में हर दिन बन रहे करीब दो हजार से अधिक पर्चे
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू ने आभा एप के जरिये डिजिटल पंजीकरण करके अपनी कमाई बढ़ा दी है। तीन माह के दौरान आंकड़ा 2100 के पार पहुंच गया है। हर पंजीकरण पर सरकार 20 रुपये दे रही है। अफसरों का कहना है यह आंकड़ा अभी और बढ़ाना है।
केजीएमयू की ओपीडी में हर दिन सात से आठ हजार मरीज आ रहे हैं। सरकार अस्पतालों में डिजिटल मिशन को शत प्रतिशत लागू करने में लगी है। इसके तहत अस्पतालों में आभा एप से पंजीकरण किया जा रहा है। केजीएमयू में तीन माह पहले लगभग 1000 मरीजों के पंजीकरण आभा एप के माध्यम से किए जा रहे थे। अब यह आंकड़ा बढ़कर 2100 के पार पहुंच गया है। सरकार हर पंजीकरण के लिए अस्पताल को 20 रुपए दे रही है। इस रकम से अस्पताल प्रशासन आयुष्मान मित्र का वेतन देंगे। बाकी रकम से अस्पताल के संसाधन और मरीज हित में खर्च किए जा सकेंगे। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि आभा एप से पर्चे बनाकर करीब 40 हजार रुपए से अधिक की कमाई की जा रही है। इस रकम से मरीजों के लिए संसाधन जुटाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही आभा एप से पंजीकरण का लक्ष्य बढ़ाकर तीन हजार किया जाएगा।
ये हैं आभा ऐप से पंजीकरण के फायदे
आभा या आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत बनाया गया एक विशिष्ट स्वास्थ्य आईडी है। आभा कार्ड एक डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के रूप में कार्य करता है जो व्यक्ति के चिकित्सा इतिहास को एकत्र रखने में मदद करता है। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच संभव होती है।