अमेठी जिले के औद्योगिक क्षेत्र जगदीशपुर के सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) परिसर के आनंदेश्वर महादेव मंदिर निर्माण बड़ा रोचक इतिहास है। मंदिर के पुजारी अनिल कुमार शास्त्री ने बताया कि वर्ष 1995 में यहां जीएम रहे राजेश्वर सिंह को एक दिन सपने में भगवान भोलेनाथ का दर्शन हुआ। उन्होंने इस सपने की जानकारी कई धार्मिक विद्वानों को दी। धार्मिक विद्वानों के परामर्श पर परिसर में भव्य शिव मंदिर निर्माण की योजना बनी। करीब दो वर्षों में मंदिर बन कर तैयार हुआ। वर्ष 1997 में प्रकांड विद्वानों की मौजूदगी में भगवान आनंदेश्वर महादेव की प्राण प्रतिष्ठा हुई। मंदिर के गर्भ गृह में विशालकाय शिव लिंग के साथ शिव परिवार व अन्य देवी-देवाताओं की मूर्तियां हैं। श्रद्धालुओं के अनुसार भगवान आनंदेश्वर महादेव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन, अधिमास व महाशिवरात्रि के साथ ही प्रत्येक सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक व रुद्राभिषेक करते हैं।
पूरी होतीं भक्तों की मनोकामनाएं
करीब 26 वर्षों से भगवान आनंदेश्वर महादेव की सेवा करने वाले मंदिर के पुजारी अनिल शास्त्री बताते हैं कि वर्ष 2000 में फैक्टरी अज्ञात कारणों से बंद हो गई थी। फैक्टरी बंद होने के बाद महादेव की कृपा से यहां एक भी पैसे की चोरी नहीं हुई। फैक्टरी का फिर संचालन शुरू हुआ। भगवान आनंदेश्वर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
अमेठी जिले में सावन माह के दूसरे सोमवार को शंख व घंटों के धुन से शिवालय सुबह से ही गुंजायमान है। हर-हर महादेव के जयकारों के बीच श्रद्धालु जलाभिषेक करने में जुटे है। घरों में ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान के साथ श्रद्धालु रुद्राभिषेक कर प्रभु शिव की पूजा करने में जुटे है। जिले के प्रमुख शिवालय मुकुट नाथ धाम, जागेश्वर नाथ धाम, गोसाईबाबा आश्रम, कालिकन धाम, श्री देवीपाटन धाम, दुखहरन धाम, महादेवन कोरारी, कालिकन धाम, दुख भंजन धाम, टीकरमाफी आश्रम स्थित नर्मदेश्वर महादेव में भक्तों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालु द्वादश ज्योर्तिलिंग, बाबूगंज सगरा आश्रम स्थित प्राचीन शिव मंदिर, अमटाही स्थित सोमनाथ धाम, सिंहपुर स्थित बाबा दतहरेश्वर धाम, आनंदेश्वर महादेव, दंडेश्वर धाम पर भोर से ही जलाभिषेक के लिए कतार में लगे रहे। इसके अतिरिक्त दूरदराज के श्रद्धालु व कांवड़ियों का जत्था भी भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए यहां पहुंच रहा है। शिव भक्तों ने शिवालयों व घरों में भगवान भोलेनाथ को चंदन, मौली, पान, सुपारी, अक्षत, पंचामृत, बिल्व पत्र, धतूरा, गंगा जल, भांग, दूध, दही, घी, शहद, फल-फूल, नारियल चढ़ाकर जलाभिषेक किया। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में महिला, पुरुष आरक्षी की तैनाती रही। कई भक्तों ने व्रत रखा तो कुछ भक्त गंगा स्नान करने गए। इसके अतिरिक्त मेले का आनंद लेते हुए भक्तों ने रामदाना, पेठा, फल सहित अन्य फलाहारी सामान खरीदा। बड़े बुजुर्गों के अलावा महिलाएं, युवा, युवतियां व बच्चे माथे पर भस्म के साथ त्रिपुंड लगाए दिखे। मंदिर में पुजारी के पास काफी भीड़ रही। हर कोई भोले बाबा के रंग में रंगा दिखाई पड़ा।
अयोध्या में सावन के दूसरे सोमवार को हजारों की संख्या में शिवभक्तों की भीड़ जमा हो गई है। जो सरयू स्नान के बाद नागेश्वर नाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में जलाभिषेक कर रहे हैं। भीड़ का सबसे ज्यादा दबाव नागेश्वर नाथ में है। यहां सुबह चार बजे से ही भक्तों की कतार लगी हुई है l इस दौरान सरयू का पावन जल भरने के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा है। मेला क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पहले से लगे कैमरे भी एक्टिव हैं। मेला क्षेत्र में नयाघाट, सरयू तट, हनुमानगढ़ी आदि पर ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जा रही है। कांवड़ियों की भीड़ में सादी वर्दी में पुलिस के जवानों के साथ खुफिया विभाग के कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। सावन के दूसरे सोमवार पर सभी शिव भक्त शिवालयों में पर जल-दूध आदि चढ़ा रहे हैं। उसके बाद अन्य मंदिरों में भी दर्शन पूजन कर रहे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सरयू घाट की व्यवस्था अलग जोन में रखी गई है और सारे मंदिरों को अलग सेक्टर में बांटा गया है। रामनगरी में यातायात प्रतिबंधित किया गया है।
शिवालयों में लगी श्रद्धालुओं की कतारें
बलरामपुर जिले में सावन मास के दूसरे सोमवार पर मन्दिरो में आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह से ही बोल बम के जयकारों के साथ शिवालय गुंजायमान होने लगे। शहर के झारखंडी मन्दिर,उतरौला के दुखहरणनाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में श्रद्धालु महादेव का जलाभिषेक कर रहे हैं। सावन में सोमवार के दिन मंदिरों में भोलेनाथ की विशेष पूजा की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल लगाया गया है।