इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अयोध्या के राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते से चेक का क्लोन बनाकर 9 लाख 86 हजार रुपये पार कर देने के आरोपी विमल लता की जमानत अर्जी बुधवार को मंजूर कर ली। मामले की प्राथमिकी पिछले साल ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या कोतवाली में दर्ज कराई थी।
न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने बुधवार को यह आदेश विमल लता की जमानत अर्जी पर दिया। आरोपी की तरफ से दलील दी गई कि मामले के अन्य अभियुक्तों की जमानत मंजूर हो चुकी है। ऐसे में समानता के तहत उसे भी जमानत पर रिहा किया जाना न्यायोचित होगा।
9 सितंबर 2020 को एफआईआर दर्ज करवाकर कहा गया था कि ट्रस्ट के खाते का चेक संख्या 740798 चेक बुक में लगा था जबकि इसी चेक का क्लोन बनाकर 9 लाख 86 हजार रुपये पार कर दिए गए। यह भी आरोप था कि 6 लाख रुपये बैंक से ट्रांसफर भी कर लिए गए। दौरान विवेचना मामले में आरोपी समेत पांच लोगों का नाम सामने आया।
अभियोजन का कहना था कि 29 दिसंबर 2020 को उस समय आरोपियों को पकड़ा गया, जब वे अयोध्या के नया घाट पर हड़पी गई रकम को बांटने की बातचीत कर रहे थे। उधर, राज्य सरकार की ओर से जमानत अर्जी का विरोध किया गया।