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Lucknow News : अखिलेश यादव ने कहा, राष्ट्रवाद से बड़ा है मानवतावाद, भाजपा की साजिश में न फंसे पिछड़ा वर्ग

Mon, 21 Aug 2023 08:53 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

अखिलेश ने कहा कि भाजपा की साजिश को समझने की जरूरत है। स्वामी प्रसाद मौर्य पर जूता फेंकने वाला युवक सैनी समाज का था। इसी तरह से घोसी में स्याही फेंकने में भाजपा के लोगों ने यादव समाज के युवक का इस्तेमाल किया।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि मानवतावाद का धर्म राष्ट्रवाद से बड़ा है। प्रख्यात कवि आरएन टैगोर भी कहा करते थे कि राष्ट्रवाद को मानवता पर हावी नहीं होने देना चाहिए। संसाधनों में सभी की न्यायपूर्ण भागीदारी और मानवता को ध्यान में रखकर ही समाजवादी पार्टी जातीय जनगणना की मांग कर रही है। इसलिए पिछड़े वर्ग के लोग भाजपा की किसी भी साजिश में न फंसे। उन्होंने कहा कि विपक्षी समावेशी गठबंधन इंडिया को पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) ही सहारा देंगे। इंडिया से एनडीए के नेता घबरा गए हैं।

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अखिलेश सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में पिछड़े वर्ग के महापुरुषों के विचारों की प्रासंगिकता पर आयोजित सम्मेलन में अपनी बात रख रहे थे। इसमें मुख्य रूप से मौर्य, कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज के लोग शामिल थे। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह पहचानना होगा कि वे कौन सी ताकतें हैं, जो संविधान में मिले हमारे अधिकार छीनना चाहती हैं। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य पर जूता फेंकने की घटना पर कहा कि पता नहीं भाजपा उनसे इतना क्यों घबराती है। इस घटना में शामिल युवक की जो हालत हुई, वह जरूर समाजवादी एम्बुलेंस से ले जाया गया होगा।

अखिलेश ने कहा कि भाजपा की साजिश को समझने की जरूरत है। स्वामी प्रसाद मौर्य पर जूता फेंकने वाला युवक सैनी समाज का था। इसी तरह से घोसी में स्याही फेंकने में भाजपा के लोगों ने यादव समाज के युवक का इस्तेमाल किया। कन्नौज में एक मुस्लिम व्यक्ति को फुसलाकर घटना करवा दी। साजिश का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि जिनके ऊपर स्याही फेंकी गई, वो आधा घंटे में कपड़े बदलकर पुनः प्रचार के लिए आ गए। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग जान चुके हैं कि वर्ष 2022 के चुनाव में उन्होंने जो धोखा दिया, उसका जनता 2024 में हिसाब चुकाएगी।
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सीएम नहीं दे पाए जाति विशेष के एसडीएम की सूची
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज आज भाजपा के धोखे को अच्छी तरह से समझ रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा था कि ''46 में 56'' एसडीएम जाति विशेष के थे। हमने सूची मांगी पर दूसरा सत्र बीत जाने के बाद भी नहीं मिली।

जातिगत जनगणना से ही मिलेगा सामाजिक न्याय
उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के साथ हजारों साल से साजिश हो रही है। हम अगड़े थे, पर पिछड़ा कहा गया। अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने अपना एक भी चुनावी वादा पूरा नहीं किया। न किसानों की आय दोगुनी हुई और न ही गन्ना किसानों को भुगतान हुआ है। यह सोचने की बात है कि महंगाई के कारण होने वाला मुनाफा किसकी जेब में जा रहा है। यह वही लोग हैं, जो सरकारी संपत्ति खरीद रहे हैं। जब संपत्तियां उनके हाथ में चली जाएंगी तो आरक्षण का लाभ भी हमें नहीं मिलेगा। इसलिए सामाजिक न्याय का रास्ता नहीं छोड़ना है, जो जातिगत जनगणना से ही मिलेगा। जिनकी आबादी पर्याप्त नहीं है, वे ही जातिगत जनगणना का विरोध कर रहे हैं। भारत इकलौता देश है, जहां जाति के नाम पर भेदभाव होता है। सत्ता मिलने पर न सिर्फ जातीय जनगणना कराएंगे, बल्कि सत्ता की भागीदारी में मौर्य, कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज को पीछे नहीं रखेंगे।

अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए नोटबंदी
उन्होंने नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार बताया। कहा कि अपने लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ये फैसले लिए गए।

केशव और ओमप्रकाश राजभर पर भी साधा निशाना
अखिलेश ने कहा कि भाजपा में जो पिछड़े वर्ग के लोग हैं, वो नेता नही हैं। सिर्फ नौकरी कर रहे हैं। बिना नाम लिए केशव प्रसाद मौर्य पर निशाना साधते हुए कहा कि इतने साल की सेवा के बाद भी उनका पद नहीं बढ़ रहा है। इसी तरह से सुभासपा के ओमप्रकाश राजभर पर कहा कि उन्हें तो अब स्टूल भी नसीब नहीं हो रहा है। लोकसभा चुनाव का परिणाम आएगा तो पता नहीं भाजपा उनका क्या हाल करेगी।

बौद्ध धर्म के चलते चीन-जापान में खुशहाली
प्रधानमंत्री लाल किले से भारत को विकसित देश बनाने की बात कहते हैं। अगर हमारा देश भगवान बुद्ध का रास्ता अपना ले, तो उसे विकसित देश बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। चीन और जापान में भगवान बुद्ध की विचारधारा के चलते ही खुशहाली है। हालांकि, यह बात भी है कि कुछ जगह पर उतना लोकतंत्र नहीं है, जितना हमारे देश में है।

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भरोसे का कत्लेआम कर रही डबल इंजन सरकार : स्वामी प्रसाद

सपा के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि डबल इंजन सरकार दलितों, पिछड़ों और वंचितों के भरोसे का कत्लेआम कर रही है। सार्वजनिक उपक्रम बेचकर आरक्षण को खत्म किया जा रहा है। पहले की सरकारें निजी उपक्रमों का राष्ट्रीयकरण करती थीं, यह सरकार उल्टी गंगा बहा रही है। उन्होंने मौर्य, कुशवाहा, शाक्य और सैनी समाज का आह्वान किया कि धर्म की आड़ में हो रही इस साजिश को पहचानें।

मौर्य ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग हमारा धन, धरती, शिक्षा और रोजगार का अधिकार छीन रहे हैं। भर्तियों में आरक्षण खत्म किया जा रहा है। भीमराव अंबेडकर विवि की पीएचडी करने वाली की सूची से ओबीसी कोटा गायब है। एससी और एसटी के साथ अन्य नौकरियों में भी यही किया गया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के फैलाए मकड़जाल में हमारे कुछ साथी भी फंस जाते हैं, जोकि उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आजादी के 76 साल बाद भी वो कौन सी ताकतें हैं, जो दलित और आदिवासी राष्ट्रपति तक को मंदिर में जाने से रोक देती हैं। उन्होंने कहा कि धर्म के ठेकेदार हमारे साथ जानवर से भी बदतर सुलूक करते हैं। उन्होंने पिछड़े समाज का आह्वान किया कि अगर आरक्षण बचाना है तो वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से हटाना होगा।

विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है भाजपा सरकार
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी और सीबीआई लगा रही है, ताकि वे ताल ठोककर जनता के बीच जाने से बचें। लोकतंत्र को कुचला जा रहा है। अखिलेश यादव के प्रयासों से इंडिया खड़ा हो गया है। इससे भाजपा को पसीना आ रहा है और वह हमारी आवाज दबाने का दुस्साहस कर रही है। उन्होंने कहा कि आज पिछड़ी जातियों की संख्या 70 फीसदी पर पहुंच रही है। इसलिए ही जातीय जनगणना नहीं कराई जा रही है, क्योंकि हक देना पड़ेगा।

मौर्य-सैनी समाज को नहीं मिला वाजिब हक : राम अवतार सैनी
सपा विधायक राम अवतार सैनी ने कहा कि मौर्य, कुशवाहा और सैनी समाज की आबादी 14% है, लेकिन इसके बावजूद समाज राजनीति में पिछड़ा है। हमें उम्मीद है कि सरकार बनने पर समाजवादी पार्टी उन्हें उचित प्रतिनिधित्व देगी। इस अवसर पर विधायक उषा मौर्य, बलराम मौर्य, राम अवतार सैनी, आरपी कुशवाहा, नीरज मौर्य, आरएस कुशवाहा आदि ने विचार रखे।
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