पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने दोषी जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए अपर मुख्य सचिव पशुधन डॉ. रजनीश दुबे को दिए हैं। मंत्री बृहस्पतिवार को विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
निराश्रित गोवंश के लिए भूसा संग्रहण कार्य में लापरवाही बरतने और टेंडर जारी न करने पर 27 मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों से जवाब तलब किया गया है। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने दोषी जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए अपर मुख्य सचिव पशुधन डॉ. रजनीश दुबे को दिए हैं। मंत्री बृहस्पतिवार को विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि निराश्रित संरक्षित गोवंश के लिए भूसा संग्रहण के लिए 15 अप्रैल से 5 मई तक का समय दिया गया था। मगर 27 मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों ने इसके लिए टेंडर तक जारी नहीं किए। उन्होंने 31 मई तक पुन: अभियान चलाकर भूसा संग्रहण करने के निर्देश दिए। कहा कि भूसा बैंक के लिए दानदाताओं का भी सहयोग लिया जाए। अगर चारा, पानी, भूसे व उपचार के अभाव में संरक्षित गोवंश की मृत्यु होने पर संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। अधिकारी क्षेत्रों में जाकर नियमित रूप से गो संरक्षण केंद्रों व संचालित योजनाओं की निगरानी करें और मुख्यालय पर रिपोर्ट भेजें। उन्होंने 20 वृहद गोशालाओं का कार्य 15 जून तक पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने सभी जिलों में गोचर भूमि को चिह्नित कर कब्जामुक्त कराने को भी कहा।
पशुधन विभाग में शीघ्र कराएं डीपीसी, रिक्त पदों को भरें
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पशुधन विभाग में शीघ्र ही डीपीसी कराएं और रिक्त पदों को भरें। उन्होंने कुक्कुट व बकरी पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में उत्तर प्रदेश पशुधन विकास परिषद द्वारा पैरावेट्स मैत्री चयन के लिए बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. रजनीश दुबे ने अधिकारियों से कहा कि वे लक्ष्यों को समय से पूरा करें। इस दौरान विशेष सचिव देवेंद्र पांडेय विशेष सचिव, निदेशक डॉ. इंद्रमणि, डॉ. अरविंद सिंह आदि मौजूद थे।