नगर आयुक्त ने बताया कि जो भिखारी शेल्टर होम लाए जाएंगे, उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा। कचरा प्रबंधन का काम करने वाली एजेंसी इकोग्रीन के पास कर्मचारी कम हैं। ऐसे में जो भिखारी मिलेंगे, उन्हें डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के एवज में लिए जाने वाले यूजर चार्ज की वसूली में लगाया जाएगा। वे जो वसूली करेंगे, उनमें से उन्हें दस से बीस प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
हजरतगंज चौराहे पर लालबत्ती के समय आपको छोटे बच्चे गाड़ी का शीशा साफ कर पैसा मांगते और कुछ विकलांग पैसा मांगते रोज दिख जाएंगे। हनुमान सेतु मंदिर, चारबाग रेलवे स्टेशन, खानपान की प्रमुख दुकानों और रेस्टोरेंट के पास यह नजारा आम है। दिनभर में भिखारी खूब कमाई करते हैं। कई बार इनके पास से काफी पैसा मिलने की खबरें भी आती है। ऐसे में भिखारियों को शेल्टर होम में रखकर रोजगार में लगाना आसान नही है। नगर आयुक्त भी मानते हैं कि यह बदलाव करना आसान नहीं है, मगर प्रयास किया जाएगा।