मेट्रो ट्रेन में फिलहाल कोई महिला कोच नहीं होगा। केवल चार कोच की ट्रेन होने की वजह से महिलाओं के लिए अलग से कोच की व्यवस्था नहीं होगी। सबसे आगे और सबसे पीछे के कोच में ड्राइवर के बैठने के लिए कुछ स्थान होगा।
ड्राइवर जब ट्रांसपोर्ट नगर से मुंशी पुलिया के बीच ट्रेन का पूरा सफर कर लेगा तो उसके बाद वह आगे के डिब्बे से उतर कर पीछे वाले डिब्बे के ड्राइवर केबिन में चला जाएगा। मगर इसमें जगह कम होने के चलते कोई लेडीज कोच नहीं होगा।
1200 लोगों की होगी क्षमता, मगर बैठ सकेंगे केवल 32
एक कोच के भीतर करीब 1200 लोगों के बैठने की क्षमता होगी, मगर उनमें केवल 32 लोग ही बैठ सकेंगे। बाकी सबको खड़े ही सफर तय करना पड़ेगा। 23 किलोमीटर का सफर करीब 45 मिनट में पूरा होगा। इसका अर्थ है कि दो मिनट से भी कम समय में एक स्टेशन आ जाएगा। ऐसे में लोगों को खड़ा होकर यात्रा करने में भी कोई खास दिक्कत नहीं होगी।