निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने शुक्रवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन व प्रमुख सचिव देबाशीष पंडा से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि बगैर उनका पक्ष सुने ही उनके खिलाफ सतर्कता जांच पूरी कर दी गई।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दबाव में उन्हें फंसाने की कोशिश हो रही है। यदि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना कोई कार्रवाई होती है तो वे कानूनी कार्यवाही भी करेंगे। वहीं यदि निष्पक्ष जांच में वे दोषी पाए जाते हैं तो वे सजा भुगतने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों ही अधिकारियों ने न्याय करने का आश्वासन दिया है।
अमिताभ ठाकुर ने बाद में मीडिया से बातचीत में कहा कि सतर्कता अधिष्ठान से उनकी कथित संपत्तियों की जांच कराई गई थी। सतर्कता निदेशक भानु प्रताप सिंह से वे कुछ दिनों पहले मिले थे और पूछा था कि किस आधार पर ये संपत्तियां उनकी बताई जा रही हैं, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।