कैंट स्थित गन्ना अनुसंधान संस्थान की इक्षुपुरी कॉलोनी के सामने पांच दिन पहले दिखाई दिए तेंदुए को लेकर वनकर्मी अब भी असमंजस में हैं। हालांकि, क्षेत्र में न तो तेंदुए का कोई पगचिह्न मिला है और न ही वह किसी को दिखाई दिया है।
डीएफओ शितांशु पांडेय ने बताया कि पहले दिन मिले पगचिह्न की रिपोर्ट भी स्पष्ट नहीं है। फिशिंग कैट या अव्यस्क तेंदुए के पगचिहन होने की संभावना है। लिहाजा क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है। वन विभाग की टीम लोगों को जागरूक कर रही है। उन्हें अकेले या बिना किसी काम के बाहर न निकलने के लिए कहा जा रहा है। चार स्थानों पर हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। बृहस्पतिवार को पिंजरा भी लगा दिया गया।
छावनी में तेंदुए की आंशका के बीच उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने दिलकुशा आउटर पर रुकने वाली ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ा दी है। रात में आरपीएफ व जीआरपी जवान गश्त कर रहे हैं। रेलयात्रियों को भी एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है।
चारबाग स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों में से रोजाना करीब 12 ट्रेनें दिलकुशा आउटर पर रोकी जाती हैं। इनके यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ व जीआरपी के जवान मुस्तैद हैं। यात्रियों से भी अपील की गई है कि ट्रेनों की खिड़कियां व दरवाजे न खोलें। जरूरी न हो तो ट्रेन से उतरने से बचें। सदर में दादा मियां मजार के पास भी टेन रोकी जाती है। रेलवे अफसर ट्रेनों को यहां न रोकना पड़े, इस पर मंथन कर रहे हैं।