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UP News: स्वीमिंग पूल में डूबने से इंस्पेक्टर की मौत, पांच घंटे पड़ा रहा शव; डॉक्टर की सलाह पर तैरने जाते थे

Fri, 26 Sep 2025 04:05 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ/वाराणसी।

सार

स्वीमिंग पूल में डूबने से क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी की मौत हो गई। मूलरूप से अंबेडकर नगर के राजे सुल्तानपुर निवासी अश्विनी लखनऊ में भूतनाथ मार्केट के पास अकेले रहते थे। उनका परिवार वाराणसी में रहता है। 
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इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी की फाइल फोटो व अस्पताल में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ में 35वीं वाहिनी पीएसी के स्वीमिंग पूल में डूबने से क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी (54) की मौत हो गई। इंस्पेक्टर का शव पांच घंटे तक पूल में पड़ा रहा। एसडीआरएफ के आने के बाद शव को बाहर निकाला गया। वह 1998 बैच के दरोगा थे। अश्विनी पूल में 14 सितंबर से तैरने जा रहे थे। पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी है। 

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मूलरूप से अंबेडकर नगर के राजे सुल्तानपुर निवासी अश्विनी भूतनाथ मार्केट के पास अकेले रहते थे। उनका परिवार वाराणसी में रहता है। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि अश्विनी रोज सुबह सात से आठ बजे के बीच स्वीमिंग जाते थे। आठ बजे तक पूल खाली हो जाता है। शुक्रवार को भी पहुंचे थे।

सुबह आठ बजे अश्विनी पूल से बाहर निकल आए थे। थोड़ी देर बाद वह फिर पूल में उतर गए। सुबह नौ बजे पूल के केयरटेकर अनिल पहुंचे तो एक बैग रखा मिला। चेजिंग रूम में कपड़े भी टंगे थे। छानबीन में पता चला कि कपड़े अश्विनी के हैं। देखा गया कि अश्विनी पूल में डूब गए हैं।
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अनिल ने पूल से अश्विनी को निकालने की कोशिश की, लेकिन 20 फीट गहराई होने के कारण वह सफल नहीं हो सके। उच्चाधिकारियों को जानकारी दी गई। पांच घंटे बाद एसडीआरएफ ने शव को बाहर निकाला। अश्विनी के पेट में पानी भर गया था और शव भी अकड़ा हुआ था।

पुलिस के अनुसार, अश्विनी के कंधे में कुछ दिनों से दर्द हो रहा था। डॉक्टर की सलाह पर ही अश्विनी तैरने जाते थे। अधिकारियों ने बताया कि डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। वीडियोग्राफी भी कराई गई है। स्वीमिंग पूल में प्रशिक्षित लोगों को ही प्रवेश की अनुमति है।

खास बात ये है कि वहां कोई कैमरा भी नहीं लगा है। 35वीं बटालियन पीएसी के कमांडेंट अमित कुमार के मुताबिक, 10 दिन से अश्विनी आ रहे थे। मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा। यदि परिजन जांच की मांग करते हैं तो सभी पहलुओं पर छानबीन की जाएगी।
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हिरासत में मौत की घटना के बाद थाने से हटाए गए थे
अश्विनी क्राइम ब्रांच में आने से पहले चिनहट थाने के प्रभारी थे। अक्तूबर 2024 में मोहित पांडेय की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। मोहित को मारपीट के एक मामले में पुलिस हिरासत में लेकर आई थी, जिन्हें लॉकअप में बंद किया गया था। इस मामले में अश्विनी व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर भी दर्ज हुई थी। हिरासत में हुई मौत की घटना के कारण उन्हें थाने से हटाया गया और पद्दोन्नति भी नहीं हो सकी।
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