एलडीए सचिव सुशील प्रताप के नाम पर एक रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े भाजपा विधायक अनिल सिंह से 25 लाख रुपये घूस मांगने के आरोपी कर्मचारी राज किशोर दुबे को एलडीए वीसी ने ऑफिस में पुलिस बुलाकर सौंप दिया। इस कर्मचारी पर पहले भी कार्यालय में हंगामा करने के आरोप लग चुके हैं। हालांकि देर शाम तक पुलिस को तहरीर न मिलने से एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी लेकिन कर्मचारी को पुलिस हिरासत में रखे थी।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी सचिव एसपी की ओर से दी गई थी। सचिव की शिकायत के बाद आरोपित कर्मचारी के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। यह मामला अलीगंज क्षेत्र में स्थित दो मकानों की रजिस्ट्री और फ्री-होल्ड से जुड़ा हुआ था। आरोप है कि एलडीए के संबंधित कर्मचारी राज किशोर ने इस काम के कराने के एवज में भाजपा विधायक अनिल सिंह से 25 लाख की रिश्वत की मांग की थी।
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विधायक से इतनी बड़ी रकम मांगे जाने की खबर जैसे ही उच्च अधिकारियों तक पहुंची, विभाग में खलबली मच गई। सचिव एसपी सिंह ने खुद आरोपित कर्मचारी को अपने कार्यालय तलब कर लिया। उसके बाद उसे वीसी के पास खुद पकड़कर ले गए। जहां मांगी गई रिश्वत से जुड़े साक्ष्यों को दिखाया गया। इस दौरान एलडीए वीसी कार्यालय के बाहर काफी गहमागहमी थी।
एलडीए के सुरक्षा कर्मी और पुलिस वाले कार्यालय के बाहर मौजूद रहे। करीब आधे घंटे गोमती नगर पुलिस पहुंची और आरोपित कर्मचारी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस दौरान विधायक अनिल सिंह भी एलडीए ऑफिस में मौजूद रहे। वह वीसी और सचिव से मिले भी। हालांकि कर्मचारी के पुलिस के हवाले होने के बाद उन्होंने इस बात से इंकार किया कि किसी ने उनसे किसी काम के लिए कोई घूस मांगी। वहीं गोमती नगर इंस्पेक्टर बृजेश चंद्र तिवारी का कहना है कि अभी इस बारे में एलडीए की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलेगी तो एफआईआर दर्ज कर जांच की जाएगी।