एलडीए की 50 साल पुरानी योजनाओं में 2000 वर्ग मीटर के करीब 100 भूखंड होने का अनुमान है। इन भूखंडों पर बनने वाले अपार्टमेंटों में 2000 लोगों को फ्लैट मिल सकते हैं। यानी करीब एक लाख की आबादी को इससे फायदा मिल सकता है।
एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण की 50 साल पुरानी योजनाओं में ऐशबाग, महानगर, निरालानगर, मालवीयनगर, राजेंद्रनगर, प्राग नरायन रोड व नैपियर रोड की कॉलोनियां शामिल हैं। इन काॅलोनियों में करीब 1000 भूखंड होंगे, लेकिन 100 ही ऐसे होंगे जहां पर तय शर्तों को पूरा करते हुए अपार्टमेंट बनाए जा सकते हैं। इनमें करीब 2000 फ्लैट ग्रुप हाउसिंग के नियमों का पालन करते हुए बनाए जा सकेंगे। यदि एक परिवार में पांच सदस्य मान लिए जाएं तो करीब एक लाख लोगों को इस नए प्रस्ताव का फायदा मिलेगा।
सीवर-पानी की समस्याएं न बढ़ें, इसके लिए अभी से तलाशने होंगे समाधान
पुरानी कॉलोनियों में अपार्टमेंट बनने पर सीवर और पानी की आपूर्ति व्यवस्था पर बोझ बढ़ेगा। इन काॅलोनियों में सीवर और पानी की लाइनें पुरानी हैं। उनकी क्षमता भी नहीं बढ़ाई गई। ऐसे में आबादी बढ़ने से सीवर चोक होने की समस्या भी बढ़ेगी। राजाराम मोहन राय वार्ड में गोखले मार्ग और मदन मोहन मालवीय मार्ग पर अपार्टमेंट बनने के बाद ऐसी समस्या कई वर्षों से है। इन इलाकों में आए दिन सीवर चोक होता रहता है। ऐसे में सीवर और पानी की आपूर्ति व्यवस्था को पहले से ही भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना होगा।