सीएम योगी आदित्यनाथ के तीन दिन में फाइलों के निस्तारण के फरमान के बाद अब सख्ती शुरू हो गई है। एलडीए वीसी ने शनिवार को कार्यालय में औचक छापेमारी की। इसमें पीसीएस अधिकारी और ओएसडी राजेश शुक्ला के कमरे से करीब 70 फाइलें जब्त की गईं। इनमें 29 फाइलें ऐसी मिलीं, जिन्हें 10 दिन से लेकर तीन महीने तक लटकाया गया था।
मामले में ओएसडी से जवाब तलब करने के साथ उनसे बल्क सेल (कॉमर्शियल प्रॉपर्टी) का काम छीन लिया गया है। सुबह करीब दस बजे जब कार्रवाई हुई तब तक ओएसडी कार्यालय भी नहीं पहुंचे थे। वीसी ने सचिव, उप सचिव अम्बी बिष्ट और जनसम्पर्क अधिकारी अशोक पाल सिंह के कमरे का भी निरीक्षण किया। हालांकि यहां से कोई फाइल जब्त नहीं की गई।
एलडीए में पहली बार किसी वीसी ने फाइलों को बेवजह लटकाए जाने की शिकायत मिलने के बाद किसी पीसीएस अधिकारी के कमरे में छापेमारी कर फाइलें जब्त करने की कार्रवाई की। इससे प्राधिकरण में हड़कम्प मचा रहा। शासन से भी नाराजगी जताए जाने के बाद वीसी पीएन सिंह निरीक्षण को अचानक सुबह पौने दस बजे ही ऑफिस पहुंच गए।
वे सीधे भूतल पर बने ओएसडी राजेश शुक्ला के कमरे में गए। तब तक वे आए भी नहीं थे। उनके कमरे में रखीं फाइलों को उन्होंने कर्मचारी से उठवाया। वहीं, ओएसडी कैम्प का स्टाफ भी तब तक नहीं पहुंचा था। वहां लम्बित फाइलों की जानकारी लेने को वीसी ने एक कर्मचारी बैठाया और कहा जब स्टाफ आए तो जितनी फाइलें अलमारी में मिले सब लेकर पहुंचो। स्टाफ आने पर यहां से भी फाइलें जब्त की गईं।