मां को वीडियो कॉल कर बृहस्पतिवार सुबह सरोजनीनगर के आजादनगर निवासी पवन पांडेय (22) ने दोस्त के बिजनौर शारदानगर स्थित घर में फंदा लगाकर जान दे दी। पवन ने आत्महत्या क्यों की इसका पता नहीं चल सका है।
बिजनौर पुलिस के अनुसार पवन नादरगंज स्थित गैराज में काम करते थे। बिजनौर शारदानगर निवासी शोएब से उनकी दोस्ती थी। शोएब पहले पवन के ही मोहल्ले में किराये पर रहते थे। कुछ दिन पहले शोएब परिजन के साथ कहीं बाहर चले गए और घर की देखरेख के लिए उसकी चाबी पवन को दी थी।
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बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे पवन शोएब के घर पहुंचे और वहां से मां को वीडियो कॉल कर कहा कि फंदा लगाने जा रहा हूं, यहां किसी को आने की जरूरत नहीं है, बच नहीं पाऊंगा। परिजन उन्हें कॉल करते रहे पर फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में पवन का मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा।
पवन के बड़े भाई हिमांशु उर्फ गोलू शोएब के घर पहुंचे तो दरवाजा बंद था। किसी तरह दरवाजा तोड़कर हिमांशु व अन्य लोग अंदर पहुंचे तो पवन का शव पंखे के हुक से रस्सी के सहारे लटका मिला। करीब एक माह पहले वह घर से भागकर बिहार चले गए थे और रक्षाबंधन में वापस आए थे। पवन के परिवार में पिता जगदीश पांडेय, मां रीना पांडेय और एक बड़ी बहन हैं।
इंस्पेक्टर बिजनौर शिव शंकर महादेवन का कहना है कि आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है। परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है।